चर्चा-समीक्षा

Politics: लेकिन 2024 की कोई गारंटी नहीं है!

आम चुनाव से ठीक पहले के विधानसभाई चुनावों के चक्र मेें प्रभावशाली जीत के बाद, भाजपा ने इन चुनावों को सिर्फ सेमीफाइनल ही नहीं, उससे आगे बढ़कर एक प्रकार से फाइनल भी कहना शुरू कर दिया है। मतगणना के...

बैंकॉक पहुंचकर जागे, हिन्दू छोड़ आर्य को धावे

हिन्दू धर्म की धार्मिक परंपराओं में से एक यह भी है कि जब किसी तीर्थ स्थल पर जाया जाता है या किसी को गुरु बनाया जाता है, तब किसी एक वस्तु का त्याग कर दिया जाता है । जैसे...

भारत सरकार का संकल्प यात्रा या मोदी प्रचार यात्रा?

नरेंद्र मोदी के दूसरे कार्यकाल के ऐन आखिर में, देश एक ऐसी बहस देख रहा है, जिसकी पहले किसी ने कभी कल्पना भी नहीं की थी। बहस इस पर है कि क्या पूरे सरकारी तंत्र को सीधे-सीधे, सरकारी योजनाओं...

सावधान: देश में लोकतंत्र नहीं बल्कि ब्राह्मण तंत्र चल रहा

सबसे पहले तो यह समझना होगा कि भाजपा ब्राह्मणों की पार्टी है मोदी योगी सिर्फ प्यादे हैं जो सिर्फ उनके इशारे पर ब्राह्मण वादी व्यवस्था को मजबूत करने का काम करते हैं। ब्राह्मण वादी व्यवस्था क्या है? मनुस्मृति वर्णित...

गाज़ा में इजराइल द्वारा किये जा रहे जनसंहार पर रोक लगे

नई दिल्‍ली (आदिनिवासी)। हमास के सैन्य आक्रमण की निंदा का अर्थ इजराइल द्वारा फिलिस्तीन को निरंतर बंधक बनाए रखने और फिलिस्तीन के खिलाफ जारी युद्ध का समर्थन करना नहीं है। भारत को शांति स्थापना और राजनीतिक समाधान की दिशा...

राजनीति और महिला आरक्षण: शकुनी का पांसा

अंततः वोट कबाड़ने और सत्ता में बने रह कर अपनों को रेवडियां बांटने के लिये आखरी पांसा भी फेंक दिया गया है। मनुस्मति को देश के संविधान से ऊपर मानने वाली, संविधान सभा में हिंदू महिलाओं को अधिकार देने...

आज की चुनौतियां और भगत सिंह

शहीद भगत सिंह जयंती पर विशेष भगत सिंह को 23 मार्च 1931 को फांसी दी गई थी और अपनी शहादत के बाद वे हमारे देश के उन बेहतरीन स्वाधीनता संग्राम सेनानियों में शामिल हो गये, जिन्होने देश और अवाम को...

मुंह में जाति शोषितों का सम्मान, बगल में मनु की दुकान : भागवत की नई भागवत

आरएसएस सरसंघचालक मोहन भागवत ने अपने ताजा बयान से एक नयी भागवत कथा की शुरुआत कर दी है. हाल ही में, एक आयोजन में उन्होंने कहा कि "हमने साथी मनुष्यों को सामाजिक व्यवस्था के तहत पीछे रखा। उनकी जिंदगी...

महिला खेतिहर मजदूरों की उपेक्षित दुर्दशा कब तक?

कई लोग ऐसा मानते है कि कृषि के अविष्कार से महिलाएं करीब से जुड़ी रही है। कई सामाजिक वैज्ञानिक तो यहां तक मानते है कि महिलओं ने ही कृषि की खोज की होगी। लेकिन बाद के दौर में कृषि...

पितृसत्ता, धर्म-जाति और ब्राह्मणवादी राष्ट्रवाद का विनाशक: ईवी रामास्वामी पेरियार

जन्मदिवस पर विशेष हम, खासकर उत्तर भारत के लोग ई.वी. रामासामी नायकर ‘पेरियार’ (17 सितंबर 1879 – 24 दिसंबर 1973) के बारे में नहीं जानते हैं या बहुत कम जानते हैं। वे भारत की प्रगतिशील बहुजन-परंपरा के ऐसे चिन्तक, लेखक...

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क्या अमेरिका में मोहन भागवत के बयानों से बदल जाएगी आरएसएस की जमीनी हक़ीक़त?

अमेरिका में भागवत: विवेकानंद नंबर टू या पाखंडी नंबर वन! "अगर कोई हिंदू यह मानता है कि भारत में मुसलमान...