चर्चा-समीक्षा

भारत सरकार का संकल्प यात्रा या मोदी प्रचार यात्रा?

नरेंद्र मोदी के दूसरे कार्यकाल के ऐन आखिर में, देश एक ऐसी बहस देख रहा है, जिसकी पहले किसी ने कभी कल्पना भी नहीं की थी। बहस इस पर है कि क्या पूरे सरकारी तंत्र को सीधे-सीधे, सरकारी योजनाओं...

सावधान: देश में लोकतंत्र नहीं बल्कि ब्राह्मण तंत्र चल रहा

सबसे पहले तो यह समझना होगा कि भाजपा ब्राह्मणों की पार्टी है मोदी योगी सिर्फ प्यादे हैं जो सिर्फ उनके इशारे पर ब्राह्मण वादी व्यवस्था को मजबूत करने का काम करते हैं। ब्राह्मण वादी व्यवस्था क्या है? मनुस्मृति वर्णित...

गाज़ा में इजराइल द्वारा किये जा रहे जनसंहार पर रोक लगे

नई दिल्‍ली (आदिनिवासी)। हमास के सैन्य आक्रमण की निंदा का अर्थ इजराइल द्वारा फिलिस्तीन को निरंतर बंधक बनाए रखने और फिलिस्तीन के खिलाफ जारी युद्ध का समर्थन करना नहीं है। भारत को शांति स्थापना और राजनीतिक समाधान की दिशा...

राजनीति और महिला आरक्षण: शकुनी का पांसा

अंततः वोट कबाड़ने और सत्ता में बने रह कर अपनों को रेवडियां बांटने के लिये आखरी पांसा भी फेंक दिया गया है। मनुस्मति को देश के संविधान से ऊपर मानने वाली, संविधान सभा में हिंदू महिलाओं को अधिकार देने...

आज की चुनौतियां और भगत सिंह

शहीद भगत सिंह जयंती पर विशेष भगत सिंह को 23 मार्च 1931 को फांसी दी गई थी और अपनी शहादत के बाद वे हमारे देश के उन बेहतरीन स्वाधीनता संग्राम सेनानियों में शामिल हो गये, जिन्होने देश और अवाम को...

मुंह में जाति शोषितों का सम्मान, बगल में मनु की दुकान : भागवत की नई भागवत

आरएसएस सरसंघचालक मोहन भागवत ने अपने ताजा बयान से एक नयी भागवत कथा की शुरुआत कर दी है. हाल ही में, एक आयोजन में उन्होंने कहा कि "हमने साथी मनुष्यों को सामाजिक व्यवस्था के तहत पीछे रखा। उनकी जिंदगी...

महिला खेतिहर मजदूरों की उपेक्षित दुर्दशा कब तक?

कई लोग ऐसा मानते है कि कृषि के अविष्कार से महिलाएं करीब से जुड़ी रही है। कई सामाजिक वैज्ञानिक तो यहां तक मानते है कि महिलओं ने ही कृषि की खोज की होगी। लेकिन बाद के दौर में कृषि...

पितृसत्ता, धर्म-जाति और ब्राह्मणवादी राष्ट्रवाद का विनाशक: ईवी रामास्वामी पेरियार

जन्मदिवस पर विशेष हम, खासकर उत्तर भारत के लोग ई.वी. रामासामी नायकर ‘पेरियार’ (17 सितंबर 1879 – 24 दिसंबर 1973) के बारे में नहीं जानते हैं या बहुत कम जानते हैं। वे भारत की प्रगतिशील बहुजन-परंपरा के ऐसे चिन्तक, लेखक...

भाजपाई सत्ता की सोने की थाली और भारतीय संस्कृति

सरकारी सूत्रों द्वारा दावा किया गया है कि "भारतीय संस्कृति के अनुरूप जी-20 के मेहमानों को राष्ट्रपति भवन में सोने और चांदी के बर्तनों में रात्रिभोज कराया गया।"कौतुक हुआ कि जिस देश का प्रधानमंत्री दावा करता है कि...

एक अकेला, सब आभारी! आख़िर गोदी-विरोधी मीडिया को इतनी ईर्ष्या क्यों है!

व्यंग : राजेंद्र शर्मा इन पत्रकारों की नस्ल वाकई कुत्तों वाली है। देसी हों तो और विदेशी हों तो, रहेंगे तो कुत्ते ही। मोदी जी बारह नहीं, तो नौ साल से ज्यादा तो पूंछ नली में डालकर रखे ही हुए...

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वीबी-ग्रामजी नियम भेदभावपूर्ण, मनरेगा को जारी रखे सरकार: बृंदा करात ने केंद्र को लिखा पत्र

नई दिल्ली (आदिनिवासी)। केन्द्र सरकार द्वारा लागू किए जा रहे नए ग्रामीण रोजगार कानून ‘वीबी-ग्रामजी’ (विकसित भारत – रोज़गार और आजीविका मिशन) के नियमों को लेकर नीतिगत और जमीनी विवाद खड़ा हो गया है। माकपा की वरिष्ठ नेता बृंदा करात ने केंद्रीय ग्रामीण विकास मंत्री शिवराज सिंह चौहान को एक पत्र लिखकर इन नए नियमों […]