चर्चा-समीक्षा

अयोध्या तो बहाना है, दरअसल देश की लंका लगाना है!

अयोध्या में और उसे लेकर पूरे देश में - उनका दावा है कि दुनिया भर के भारतवासियों के बीच भी - जो किया जा रहा है, उसके रूप और सार दोनों को समझने की शुरुआत शुरू से ही करने...

जयपाल सिंह मुंडा: एक आदिवासी नेता, एक सांसद, एक सेनानी, एक मार्गदर्शक और एक प्रेरणा

3 जनवरी : जन्मदिवस पर विशेष जयपाल सिंह मुंडा भारत के इतिहास में एक ऐसा नाम है, जिन्होंने अपने जीवन में कई भूमिकाओं को निभाया और अपने समाज और देश के लिए कई उपलब्धियों को हासिल किया। वे एक आदिवासी...

माता सावित्रीबाई फुले का जीवन संघर्ष और तत्कालीन सामाजिक परिस्थितियां

3 जनवरी: जयंती पर विशेष माता सावित्रीबाई फुले भारत की पहली महिला शिक्षिका और महान समाज सुधारक थीं। उन्होंने अपने पति महात्मा ज्योतिबा फुले के साथ मिलकर समाज में व्याप्त कुरीतियों के खिलाफ आजीवन संघर्ष किया। उन्होंने महिलाओं, दलितों और...

मिलार्ड, निर्णय तो मिला पर न्याय नहीं!

2019 के अगस्त में शुरू में जम्मू-कश्मीर के संबंध में केंद्र सरकार ने जो विवादास्पद कदम उठाए, उनकी कानूनी/ संवैधानिक वैधता पर उस समय संसद में तथा संसद के बाहर भी गंभीर सवाल उठे थे और उसी आधार पर...

बंद पर्ची से बाहर निकलते मुख्यमंत्री

"देश की राजनीतिक स्क्रीन पर दिखाई जाने वाली छवि के प्रोजेक्टर तो अडानी ही हैं।" कहावतें सभ्यता के लम्बे अनुभव से जन्मती और आकार लेती हैं। कुछ प्राचीन सभ्यताओं की कहावतें अलग-अलग भाषाओं में ऐसे रच बस जाती हैं, जैसे...

यह तो जातिवाद का विरोध नहीं, तरफ़दारी है!

‘‘मेरे लिए देश की चार सबसे बड़ी जातियां हैं। मेरे लिए सबसे बड़ी जाति गरीब हैं। मेरे लिए सबसे बड़ी जाति हैं युवा, मेरे लिए सबसे बड़ी जाति हैं महिलाएं। मेरे लिए सबसे बड़ी जाति हैं किसान।’’ और ‘‘इन...

ये अमृत काल की अमृत संसद है मित्रों!

(व्यंग्य : राजेंद्र शर्मा) प्राब्लम यह नहीं है कि महुआ मोइत्रा की संसद की सदस्यता चली गयी है। प्राब्लम यह है कि महुआ मोइत्रा और वास्तव में सारे विपक्ष वाले पूरे मामले को ही गलत समझ रहे हैं। मोइत्रा चीख-चीखकर...

सिर्फ़ आदिवासी चेहरा भर नहीं ऐतिहासिक बदलाव के मोड़ पर है छत्तीसगढ

असली छत्तीसगढ़िया चरित्र के चमकने का अवसर चुनाव होते हैं! सत्ताधीश आते-जाते हैं लेकिन इस बार छत्तीसगढ एक ऐतिहासिक बदलाव के मोड़ पर है। कुछ स्वार्थी तत्वों द्वारा इस क्रांतिकारी परिवर्तन को रोकने-थामने की कोशिश की जा रही है। भूपेश...

Politics: लेकिन 2024 की कोई गारंटी नहीं है!

आम चुनाव से ठीक पहले के विधानसभाई चुनावों के चक्र मेें प्रभावशाली जीत के बाद, भाजपा ने इन चुनावों को सिर्फ सेमीफाइनल ही नहीं, उससे आगे बढ़कर एक प्रकार से फाइनल भी कहना शुरू कर दिया है। मतगणना के...

बैंकॉक पहुंचकर जागे, हिन्दू छोड़ आर्य को धावे

हिन्दू धर्म की धार्मिक परंपराओं में से एक यह भी है कि जब किसी तीर्थ स्थल पर जाया जाता है या किसी को गुरु बनाया जाता है, तब किसी एक वस्तु का त्याग कर दिया जाता है । जैसे...

Latest News

बिरसा की विरासत से खिलवाड़: आदिवासी अधिकारों पर हिंदुत्व का नया दांव

क्या धर्म बदलने से खत्म हो जाती है आदिवासियों की संवैधानिक पहचान? आदिवासियों के संवैधानिक अधिकारों और धार्मिक पहचान को...