चर्चा-समीक्षा

अंबानी परिवार का सगाई समारोह: रिहाना से लेकर बिल गेट्स तक, जामनगर में जश्न; वैभव की अश्लीलता और बदलता भारत

विगत 01 से 03 मार्च तक भारत ने जो देखा, वह एक धनकुबेर द्वारा अपने वैभव का अश्लील मुजाहिरा ही नहीं था, बल्कि अपनी सम्पन्नता की विपुलता का सहारा लेकर देश की सभ्यता और उसमे बसी मनुष्यता के प्रति...

मोदी टास्क: युवाओं के लिए अनूठा ऑफर; एक सेल्फी, एक ऐप और बहुत सारा मजा!

भाजपा के सुप्रीमो युगपुरुष मोदी जी की सबसे बड़ी खासियत यह है कि देश की जनता जब उनसे प्रधानमंत्री – जिस रूप में वे शायद ही कभी रहे हों - के नाते खेत के बारे में कुछ जानना चाहती...

डंका बजते-बजते फटने की गारंटी! आप भी कहेंगे, वाह! क्या बात है!

(व्यंग्य : राजेंद्र शर्मा)भई  कोई कुछ भी कहे, दुनिया में डंका तो बज ही रहा है। और कैसे नहीं बजता। जब मोदी जी बजवा रहे हैं, तो डंका तो बजना ही था। आखिर, मोदी की गारंटी है, डंका बजने की।...

एमएसपी कानून की गलत आलोचनाओं का खंडन: किसानों के हित में सच्चाई का खुलासा

किसानों के लिए न्यूनतम समर्थन मूल्य की गारंटी देने वाले कानून की अक्सर सुनी जाने वाली आलोचनाओं का जवाब है यह लेख। न्यूनतम समर्थन मूल्य (एमएसपी) की प्रणाली 1960 के दशक से अस्तित्व में आई है और इसका उद्देश्य...

मोदी जी का राम राज्य: ये किसका स्वागत है सरकार?

"सिर्फ (राम) मंदिर ही नहीं बना है, बल्कि प्रधानमंत्री मोदी ने पिछले दस साल में व्यावहारिक रूप से राम राज्य की अवधारणा को लागू कर दिया है।" ये शब्द हैं, नई-दिल्ली में 17-18 को हुई भाजपा की भीमकाय राष्ट्रीय...

भारत रत्न: राजनीतिक सहयोगी फंसाने के लिए चारा बनाने की चाल

बाकी भले देश की माली और समाजी दरो-दीवारों पर सब्जा उग रहा हो और सारी उम्मीदें बयाबां में मुंह छुपाये खड़ी हों, घर में भारत रत्नों की बहार-सी जरूर आयी दिख रही है। अभी वर्ष का दूसरा महीना ढंग से...

तिरंगे की छाया में भगवा का रंग: राष्ट्रीय ध्वज का अपमान या आदर?

वर्ष में दो दिन - स्वतंत्रता दिवस 15 अगस्त और गणतंत्र दिवस 26 जनवरी -  ऐसे होते हैं, जब देश में जैसे  तिरंगे की बहार आ जाती है। दफ्तरों में, सडकों पर, दुकानों में, घरों पर, स्कूली बच्चों के...

महाकाल प्रकरण: भारतीय समाज को विषाक्त करने का एक बड़ा षड्यंत्र

खबर यह है कि इंदौर हाईकोर्ट ने उज्जैन के अदनान मंसूरी को जमानत दे दी है। वे पिछले पांच महीनों से जेल में थे। कोर्ट में आये तथ्यों से भी पुष्टि हो गयी है कि असल में वैसी कोई घटना...

कर्पूरी जी आज जिंदा होते तो भाजपा सरकार उन्हें जेल भेज चुकी होती: दीपंकर भट्टाचार्य

मोदी राज में धर्म जैसे व्यक्तिगत मसलों का हो रहा सरकारीकरणभारत रत्न की मांग: कर्पूरी जी को भाजपा ने निशाना क्यों बनाया? बिहार में जन संकल्प अभियान की शुरुआत पटना। कर्पूरी ठाकुर जयंती से गांधी शहादत दिवस 30 जनवरी तक...

अयोध्या में राजनीति का रामलीला: राम के बहाने एक धर्मांध आयोजन

सारे अनुमानों, सम्भावनाओं और कुछ धर्मप्राण जनों की उम्मीदों पर लोटा भर ठण्डा पानी डालते हुए अंततः 22 जनवरी के प्राण-प्रतिष्ठा समारोह की जजमानी का भार खुद मोदी जी ने ही धारण करते हुए इस आयोजन को सचमुच में...

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क्या अमेरिका में मोहन भागवत के बयानों से बदल जाएगी आरएसएस की जमीनी हक़ीक़त?

अमेरिका में भागवत: विवेकानंद नंबर टू या पाखंडी नंबर वन! "अगर कोई हिंदू यह मानता है कि भारत में मुसलमान...