राष्ट्रीय बाल विज्ञान अंतर्गत एक दिवसीय कार्यशाला आयोजित

Must Read

रायगढ़ (आदिनिवासी)। ओपी जिंदल स्कूल ऑडिटोरियम रायगढ़ में जिला स्तरीय 31 वां राष्ट्रीय बाल विज्ञान कांग्रेस अंतर्गत शिक्षकों का उन्मुखीकरण कार्यशाला का आयोजन किया गया। जिसमें रायगढ़ जिले के सभी 07 विकासखंड से प्रति विकासखंड 30 शिक्षकों के मान से कुल 210 शिक्षकों ने प्रतिभागी के तहत भाग लिया। उक्त कार्यक्रम में मुख्य अतिथि श्री आर.के.त्रिवेदी प्राचार्य ओपी जिंदल स्कूल, डीएमसी श्री नरेंद्र चौधरी एवं एपीसी श्री भुवनेश्वर पटेल रहे।

कार्यक्रम का शुभारंभ जिला समन्वयक कमलेश पटेल ने मां सरस्वती को नमन करते हुए कार्यशाला के बारे में संक्षेप में जानकारी दी। तत्पश्चात ओ पी जिंदल स्कूल के प्राचार्य आर.के. त्रिवेदी ने बहुत सुंदर तरीके से बाल विज्ञान के संबंध में जानकारी देकर सरल प्रोजेक्ट कैसे तैयार कराया जाए इसकी जानकारी दी। एपीसी समग्र शिक्षा भुवनेश्वर पटेल ने बाल विज्ञान कांग्रेस की पूरी प्रक्रिया को समझाते हुए पूरी ईमानदारी से कार्य को करने को कहा। तत्पश्चात श्री नरेंद्र चौधरी डीएमसी ने हमे अपने कर्तव्यों को अच्छी तरह से निर्वहन करने के लिए महत्वपूर्ण टीप दिए।

कार्यशाला का कथानक एवं उप कथानक के बारे में श्री कमलेश पटेल द्वारा बताया गया।
प्रशिक्षक श्रीमति अनुपमा तिवारी द्वारा सास्कृतिक सामाजिक के संबंध मार्गदर्शन दिए। ततपश्चात श्री अश्वनी पटेल प्रोफेसर द्वारा इकोसिस्टम के संबंध में बताया गया। श्री बी.एल.गुप्ता जिला शैक्षिक समन्वयक ने भी प्रोजेक्ट बनाने के लिए टीप दिए। बाकी बचे 3 विषयों पर बच्चे किस प्रकार से प्रोजेक्ट बना सकते है के लिए श्री कमलेश पटेल ने विस्तार बताया कि यह कार्यशाला 10 से 14 और 14 से 17 साल के स्कूली बच्चों को खोजी प्रवृति बनाने हेतु प्रोजेक्ट तैयार कराना है।

कार्यशाला के अंतिम चरण में सभी अतिथियों और प्रशिक्षकों को जिला समन्वयक के द्वारा प्रतीक चिन्ह से परितोषित किया गया। कार्यक्रम के अंत में कमलेश पटेल ने सभी शिक्षको को शॉर्ट नोटिस में सौ फीसदी उपस्थिति के लिए धन्यवाद एवं आभार प्रदर्शित किया। कार्यक्रम का सफल आयोजन के लिए छत्तीसगढ़ विज्ञान प्रौद्योगिकी परिषद रायपुर के विभाग प्रमुख ने जिला शिक्षा विभाग को बधाई प्रेषित की।

- Advertisement -
  • nimble technology
Latest News

गोंड महासभा धमधागढ़ में बदले की आग: एकता की जगह पुतला दहन, आदिवासी समाज किस राह पर?

दुर्ग (आदिनिवासी)। केंद्रीय गोंड महासभा धमधागढ़, दुर्ग - जो कभी आदिवासी एकता का प्रतीक था - आज दो गुटों...

More Articles Like This