– भूमि विवाद, बिजली वसूली, वन अधिकार हनन से लेकर बालको सेवानिवृत्त कर्मचारियों तक – हर आवाज़ पहुंची कलेक्टर तक
कोरबा (आदिनिवासी)। कलेक्ट्रेट सभाकक्ष में सोमवार को आयोजित जनदर्शन कार्यक्रम आज महज एक औपचारिक सरकारी आयोजन नहीं था – यह उन सैकड़ों आँखों की उम्मीद का मंच था, जो दूर-दराज़ के गाँवों से अपनी पीड़ा लेकर यहाँ पहुँची थीं। शहरी इलाकों से लेकर सुदूर अंचलों तक के नागरिक एक ही उम्मीद लेकर आए थे – कि कोई सुनेगा, और सुनकर कुछ करेगा भी। कलेक्टर कुणाल दुदावत ने उस उम्मीद को निराश नहीं किया।
आज के जनदर्शन में कुल 96 आवेदन प्राप्त हुए। कलेक्टर ने प्रत्येक आवेदक से आत्मीय संवाद स्थापित करते हुए उनकी समस्याओं को धैर्यपूर्वक सुना और संबंधित विभागीय अधिकारियों को “समयबद्ध, पारदर्शी एवं गुणवत्तापूर्ण निराकरण” के सख्त निर्देश दिए।
जनता की आवाज़ें – एक-एक शिकायत, एक-एक दर्द
कार्यक्रम में उठाई गई समस्याएँ विविध थीं, लेकिन उनमें एक बात समान थी – व्यवस्था से मिली तकलीफ और न्याय की पुकार।

ग्राम कोथारी के विजेन्द्र पाटले ने सूदखोरों पर कार्यवाही न होने और उरगा पुलिस की उदासीन कार्यशैली पर आक्रोश जताया। ग्राम रौनाढाप के बंशीलाल ने आरबीसी 6-4 के अंतर्गत आर्थिक सहायता की माँग रखी। नीलम सोनी के नेतृत्व में श्रीया स्व-सहायता समूह ने गढ़कलेवा कटघोरा में टेंट की जगह स्थायी शेड निर्माण की आवश्यकता बताई।
ग्राम पंचायत सतरेंगा की सरपंच बंधन बाई ने पहाड़ी कोरबा बस्ती छातासरई से खोखराआमा तक सड़क निर्माण की धीमी गति पर चिंता व्यक्त की। ग्राम बांधाखार की सुनंदा पटेल ने फसल सर्वेक्षण के तहत लंबित भुगतान राशि दिलाने की गुहार लगाई।
ग्राम कुरूडीह के शांतिलाल और ग्राम सुतर्रा के चंदन सिंह ने सीमांकन में गड़बड़ी की शिकायत की। पाली के लालसिंह पैकरा ने किसानों की व्यापक समस्याओं से अवगत कराया। ग्राम कोराई-सतरेंगा के बालीराम ने वन अधिकार पट्टे की भूमि को अवैध तरीके से हड़पे जाने की गंभीर शिकायत की और भूमि वापसी की माँग रखी।
ग्राम पोलमी के खिलावन डिक्सेना ने बिजली विभाग की उड़नदस्ता टीम पर अवैध वसूली का आरोप लगाया – एक ऐसा मामला जो आम नागरिकों के शोषण की व्यथा को उजागर करता है। ग्राम नेवसा की खीक बाई ने भूमि सीमांकन का आवेदन प्रस्तुत किया। ग्राम देउरमाल के राजेश भारद्वाज ने पटवारी को हटाने की माँग की, जबकि ग्राम चचिया के फूलसिंह ने भारतमाला सड़क निर्माण के कारण प्रभावित बोर के मुआवजे का मुद्दा उठाया।

बालको सेवानिवृत्त कर्मचारियों की पुकार – वेदांता के खिलाफ न्याय की मांग
जनदर्शन में सबसे मार्मिक और महत्त्वपूर्ण पहलू रहा “बालको सेवानिवृत्त कर्मचारी संगठन” का प्रतिनिधित्व। संगठन के पदाधिकारी बी.एल. नेताम के नेतृत्व में प्रतिनिधिमंडल ने कलेक्टर के समक्ष वेदांता प्रबंधन द्वारा सेवानिवृत्त कर्मचारियों के “विधिक अधिकारों के हनन” का गंभीर मामला उठाया।
प्रतिनिधिमंडल ने बकाया देयक, चिकित्सा सुविधा, अनुकंपा नियुक्ति और व्यावसायिक परिसर में दुकान आवंटन जैसी न्यायोचित माँगों के त्वरित निराकरण के लिए प्रशासन से तत्काल हस्तक्षेप की अपील की।
कलेक्टर का स्पष्ट संदेश – प्रशासन जनता के लिए है
सभी प्रकरणों की गंभीरता से समीक्षा करने के बाद कलेक्टर श्री दुदावत ने संबंधित विभागीय अधिकारियों को आवश्यक कार्यवाही के कड़े निर्देश दिए। उन्होंने स्पष्ट शब्दों में कहा –
“प्रशासन का मूल उद्देश्य आम नागरिकों की समस्याओं का त्वरित एवं न्यायसंगत समाधान सुनिश्चित करना है।”
यह केवल एक वाक्य नहीं था – यह उस प्रशासनिक दर्शन की अभिव्यक्ति थी जिसे धरातल पर साकार करने की मांग आज 96 आवेदनों के रूप में उनके सामने थी।
इस अवसर पर जिला पंचायत सीईओ दिनेश कुमार नाग, अपर कलेक्टर देवेंद्र पटेल एवं ओंकार यादव, डिप्टी कलेक्टर तुलाराम भारद्वाज सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी उपस्थित रहे।




