शिक्षा: दो विरोधी परिप्रेक्ष्य - कम्युनिस्ट और आरएसएस
भारत में कम्युनिस्ट अपने कार्य क्षेत्रों में स्कूल और कालेज स्थापित करने के लिए अक्सर सार्वजनिक चंदे करते और सार्वजनिक प्रयास करते आए हैं। बेशक, यह आरएसएस जैसे फासिस्ट संगठनों द्वारा बच्चों के...
भारत में पीएचडी शोध करने के इच्छुक किसी भी व्यक्ति को यूजीसी-नेट (राष्ट्रीय पात्रता परीक्षा) देनी होती थी, जो 2024-25 तक भारतीय विश्वविद्यालयों और कॉलेजों में 'सहायक प्रोफेसर' तथा 'जूनियर रिसर्च फेलोशिप और सहायक प्रोफेसर' के लिए भारतीय नागरिकों...
अथ संघ सरेंडर गाथा: आंखों देखा इमरजेंसी अध्याय
संघ के संग सरेंडर की संलग्नता सनातन है, इतनी सतत और सुदीर्घ है कि हिंदी के व्याकरण में एक अक्षर से शुरू होने वाले शब्दों के अलंकारों में एक नया अलंकार सृजित कर...
"जनगणना और आदिवासी पहचान का सवाल!"
जनगणना 2027 के लिए गजट अधिसूचना में जो इतनी ज्यादा देर की गई है, उसकी हो रही आलोचना पूरी तरह से सही है, क्योंकि वादा किया गया था कि जनगणना के साथ ही जाति...
मुख्य घटना: सुकमा में खो गई एक और जिंदगी
छत्तीसगढ़ के सुकमा जिले में कोंटा क्षेत्र के अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक (एएसपी) आकाश राव गिरीपुंजे की प्रेशर बम विस्फोट में दुखद मृत्यु ने एक बार फिर छत्तीसगढ़ की जटिल समस्याओं को...
"कांग्रेस के पूर्व केंद्रीय मंत्री का 'संघ-आदिवासी एकता' का दावा राजनीतिक हलकों में चर्चा का विषय"
छत्तीसगढ़ के प्रमुख आदिवासी नेता अरविंद नेताम का राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) के मंच से भाषण देना राजनीतिक गलियारों में चर्चा का मुद्दा बन...
- उत्तर प्रदेश की योगी सरकार का विवादास्पद निर्णय संवैधानिक मूल्यों पर प्रहार
- सरकारी स्कूलों में धार्मिक शिक्षा पर प्रतिबंध के संवैधानिक प्रावधान का क्या होगा?
क्या सरकारी स्कूलों में धार्मिक शिक्षा दी जा सकती है? पचहत्तर साल का लम्बा...
"युक्तियुक्तकरण में नहीं, रिक्त पदों की भर्ती में है स्कूली शिक्षा का भविष्य"
छत्तीसगढ़ में स्कूली छात्रों के लिए नया शैक्षणिक सत्र 16 जून से शुरू होने जा रहा है। इस सत्र के शुरू होने से पहले ही स्कूली शिक्षा...
बिना युद्ध के युद्ध विराम?
मौन रणनीति से अचानक युद्धविराम तक: क्या भारत की कूटनीति विफल हुई?
पहलगाम में 26-28 नागरिकों की नृशंस हत्या के पश्चात, मोदी सरकार ने सुनियोजित रणनीति के तहत पाकिस्तान स्थित आतंकवादी ठिकानों पर हमले का निर्णय...
2024 के लोकसभा चुनावों से पहले, कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने जाति जनगणना को एक महत्वपूर्ण मुद्दा बनाया था। उन्होंने न केवल इसकी आवश्यकता पर बल दिया, बल्कि आरक्षण की 50% की सीमा को हटाने की भी वकालत की।...