चर्चा-समीक्षा

संविधान बनाम हिंदुत्व-कॉरपोरेट गठजोड़: डॉ.आंबेडकर के लोकतांत्रिक गणराज्य पर मंडराता सबसे बड़ा संकट

26 जनवरी 1950 को भारत को लोकतांत्रिक गणराज्य घोषित किया गया था और भारतीय संविधान को पूरी तरह लागू किया गया था। गणतांत्रिक लोकतंत्र में जन्म के आधार पर किसी को भी स्वाभाविक तौर पर बड़ा नहीं माना जाता...

लखनऊ प्रेरणा पार्क: हिंदू राष्ट्र की राजनीति का प्रतीक या ऐतिहासिक विवादों का स्मारक?

हिन्दू राष्ट्र का ‘लोगो’ है लखनऊ का प्रेरणा पार्क अंततः साल के आख़िरी दिनों में लखनऊ को एक और विराट पार्क – बाकी पार्कों से हर तरह से भिन्न पार्क  – मिल ही गया । स्वयं प्रधानमंत्री इसके दरो-दीवार के...

झारखंड: विकास के नक्शे पर मिटते 4361 गांव; अपनी ही माटी से बेदखल होते 30 लाख लोगों की अनसुनी दास्तान

भारत की खनिज संपदा का ह्रदय कहा जाने वाला झारखंड आज एक ऐतिहासिक और मानवीय त्रासदी के मुहाने पर खड़ा है। राज्य में औद्योगीकरण और विकास के नाम पर जिस पैमाने पर भूमि अधिग्रहण की तैयारी चल रही है, उसने...

क्रिसमस पर हिंसा छुपाकर बांग्लादेश दिखाती मीडिया: चौथे स्तंभ का संकट

हेडलाइंस का 'अभिषेक' और गलियों में 'रक्तपात' "जब अखबारों की स्याही सत्ता के चरणों को धोने लगे, तो समझ लीजिए कि लोकतंत्र की खबरों को जिंदा जलाया जा रहा है।" भारतीय लोकतंत्र का चौथा स्तंभ आज अपनी ही परछाईं से डर...

मनरेगा खत्म: 7.7 करोड़ मजदूरों का अधिकार छीना; संविधान के अनुच्छेद 41 पर हमला – वृंदा करात का विश्लेषण

केंद्र सरकार ने संसद में अपने बहुमत का इस्तेमाल करके महात्मा गांधी ग्रामीण रोज़गार गारंटी अधिनियम (मनरेगा) को खत्म कर दिया है। इसकी जगह जो नया कानून लाया गया है, वह पूरी तरह से "अधिकार चोरी" वाला कानून है। इसने...

मनरेगा की जगह ‘जी राम जी’: मोदी सरकार का ग्रामीण रोजगार गारंटी पर सबसे बड़ा हमला

महात्मा गांधी -- जै राम जी! संघी गिरोह को महात्मा गांधी के काम से ही नहीं, उनके नाम से भी कितनी नफरत है, यह मनरेगा को खत्म करने और उसकी जगह वीबी-जी राम जी विधेयक लाने के मोदी सरकार के...

अयोध्या में धर्मध्वज फहराने से जबलपुर हिंसा तक: रामराज्य के नाम पर क्या खो रहा है भारत?

जैसे मोदी के राम वैसा उनका राम राज्य! उधर: 25 नवम्बर को अयोध्या में 22 महीने पहले ‘प्राण प्रतिष्ठित’ किये जा चुके मन्दिर पर पूरा कुनबा इत्ती चौड़ाई और उत्ती लम्बाई का भगवा ध्वज फहरा कर हिन्दू राष्ट्र के निर्माण...

अयोध्या राम मंदिर ध्वजारोहण विवाद: क्या भगवा झंडा बन रहा है हिंदू राष्ट्र का प्रतीक?

लोकसभा चुनाव के पहले अभूतपूर्व तामझाम के साथ अयोध्या में जिस राम मन्दिर की प्राण प्रतिष्ठा हो चुकी थी, अचानक 22 महीने बाद उसके ध्वजारोहण के नाम पर हुआ आयोजन सिर्फ एक रस्मी कार्यक्रम नहीं है, धार्मिक आयोजन तो...

सुप्रीम कोर्ट का ऐतिहासिक फैसला: कार्यस्थल तक की यात्रा भी अब मानी जाएगी रोजगार का हिस्सा

न्याय की नई परिभाषा भारतीय न्यायपालिका ने एक बार फिर यह सिद्ध कर दिया कि कानून का अर्थ केवल शब्दों की सीमाओं में नहीं, बल्कि न्याय के उद्देश्य में निहित होता है। सुप्रीम कोर्ट का हालिया निर्णय - जिसमें यह...

बालको विद्रोह: जब मजदूरों की आवाज ने वेदांता साम्राज्य की चुप्पी तोड़ी

बालको की राख से उठती आवाज़: जब ‘विकास’ शोषण की फैक्ट्री बन जाता है छत्तीसगढ़ की धरती पर एक बार फिर वही सवाल गूंज रहा है — "क्या यह देश कुछ गिने-चुने उद्योगपतियों की जागीर बन चुका है?" वेदांता समूह...

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क्या अमेरिका में मोहन भागवत के बयानों से बदल जाएगी आरएसएस की जमीनी हक़ीक़त?

अमेरिका में भागवत: विवेकानंद नंबर टू या पाखंडी नंबर वन! "अगर कोई हिंदू यह मानता है कि भारत में मुसलमान...