रविवार, फ़रवरी 22, 2026

देश

2024 चुनाव से पहले CAA नियमों की अधिसूचना: एक गंभीर राजनीतिक चाल या सामाजिक न्याय?

दिसम्बर 2019 में पास किये गये भेदभावकारी और विभाजनकारी अन्यायपूर्ण नागरिकता संशोधन कानून को लागू करने वाली नियमावली की अधिसूचना 2024 चुनावों की अधिसूचना आने से ठीक पहले जारी करना एक राजनीतिक साजिश का संकेत है। जैसा कि अमित...

भारत रत्न: राजनीतिक सहयोगी फंसाने के लिए चारा बनाने की चाल

बाकी भले देश की माली और समाजी दरो-दीवारों पर सब्जा उग रहा हो और सारी उम्मीदें बयाबां में मुंह छुपाये खड़ी हों, घर में भारत रत्नों की बहार-सी जरूर आयी दिख रही है। अभी वर्ष का दूसरा महीना ढंग से...

तिरंगे की छाया में भगवा का रंग: राष्ट्रीय ध्वज का अपमान या आदर?

वर्ष में दो दिन - स्वतंत्रता दिवस 15 अगस्त और गणतंत्र दिवस 26 जनवरी -  ऐसे होते हैं, जब देश में जैसे  तिरंगे की बहार आ जाती है। दफ्तरों में, सडकों पर, दुकानों में, घरों पर, स्कूली बच्चों के...

महाकाल प्रकरण: भारतीय समाज को विषाक्त करने का एक बड़ा षड्यंत्र

खबर यह है कि इंदौर हाईकोर्ट ने उज्जैन के अदनान मंसूरी को जमानत दे दी है। वे पिछले पांच महीनों से जेल में थे। कोर्ट में आये तथ्यों से भी पुष्टि हो गयी है कि असल में वैसी कोई घटना...

कर्पूरी जी आज जिंदा होते तो भाजपा सरकार उन्हें जेल भेज चुकी होती: दीपंकर भट्टाचार्य

मोदी राज में धर्म जैसे व्यक्तिगत मसलों का हो रहा सरकारीकरणभारत रत्न की मांग: कर्पूरी जी को भाजपा ने निशाना क्यों बनाया? बिहार में जन संकल्प अभियान की शुरुआत पटना। कर्पूरी ठाकुर जयंती से गांधी शहादत दिवस 30 जनवरी तक...

बहाना राम का: संविधान और गणतंत्र के लिए चुनौती या अवसर?

राम तो एक बहाना है, संविधान और गणतंत्र पर निशाना है! अयोध्या में अभी तक अधबने मंदिर को लेकर देश भर में चलाई जा रही मुहिम की श्रृंखला में मध्य प्रदेश की सरकार ने बची-खुची संवैधानिक मर्यादा को भी लांघ...

अयोध्या में राम मंदिर प्राण प्रतिष्ठा अनुष्ठान: भक्ति का अभियान या राजनितिक चुनावी चाल?

अयोध्या में 22 जनवरी को होने जा रहे राम मंदिर के उद्घाटन को, जिसे तकनीकी रूप में प्राण प्रतिष्ठा आयोजन कहा जा रहा है, एक खुल्लमखुल्ला राजनीतिक और उसमें भी चुनावी ईवेंट बना दिया गया है। यह सब इतनी...

अयोध्या तो बहाना है, दरअसल देश की लंका लगाना है!

अयोध्या में और उसे लेकर पूरे देश में - उनका दावा है कि दुनिया भर के भारतवासियों के बीच भी - जो किया जा रहा है, उसके रूप और सार दोनों को समझने की शुरुआत शुरू से ही करने...

जनगणना प्रपत्र में आदिवासियों के लिए अलग धर्म कॉलम के नाम पर सहमति बनाने आदिवासी संगठनों की 27 जनवरी को दिल्ली में बैठक

झारखंड (आदिनिवासी)। राष्ट्रीय आदिवासी समन्वय समिति भारत के समन्वयक श्री देवकुमार धान ने देश भर के आदिवासी संगठन प्रमुखों को सूचित करते हुए बताया है कि भारत देश के जनगणना प्रपत्र में आदिवासियों के लिए अलग धर्म कॉलम की...

मिलार्ड, निर्णय तो मिला पर न्याय नहीं!

2019 के अगस्त में शुरू में जम्मू-कश्मीर के संबंध में केंद्र सरकार ने जो विवादास्पद कदम उठाए, उनकी कानूनी/ संवैधानिक वैधता पर उस समय संसद में तथा संसद के बाहर भी गंभीर सवाल उठे थे और उसी आधार पर...

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संविधान की छाती पर ‘पॉइंट ब्लैंक’ वार: असम भाजपा के विवादित वीडियो और नफरत की राजनीति का विश्लेषण

आखिरकार, हिमांत विश्वशर्मा ने और अकेेले विश्व शर्मा ने ही नहीं, उनके नेतृत्व में भाजपा की असम इकाई ने...