शुक्रवार, अगस्त 29, 2025

देश

महाकाल प्रकरण: भारतीय समाज को विषाक्त करने का एक बड़ा षड्यंत्र

खबर यह है कि इंदौर हाईकोर्ट ने उज्जैन के अदनान मंसूरी को जमानत दे दी है। वे पिछले पांच महीनों से जेल में थे। कोर्ट में आये तथ्यों से भी पुष्टि हो गयी है कि असल में वैसी कोई घटना...

कर्पूरी जी आज जिंदा होते तो भाजपा सरकार उन्हें जेल भेज चुकी होती: दीपंकर भट्टाचार्य

मोदी राज में धर्म जैसे व्यक्तिगत मसलों का हो रहा सरकारीकरणभारत रत्न की मांग: कर्पूरी जी को भाजपा ने निशाना क्यों बनाया? बिहार में जन संकल्प अभियान की शुरुआत पटना। कर्पूरी ठाकुर जयंती से गांधी शहादत दिवस 30 जनवरी तक...

बहाना राम का: संविधान और गणतंत्र के लिए चुनौती या अवसर?

राम तो एक बहाना है, संविधान और गणतंत्र पर निशाना है! अयोध्या में अभी तक अधबने मंदिर को लेकर देश भर में चलाई जा रही मुहिम की श्रृंखला में मध्य प्रदेश की सरकार ने बची-खुची संवैधानिक मर्यादा को भी लांघ...

अयोध्या में राम मंदिर प्राण प्रतिष्ठा अनुष्ठान: भक्ति का अभियान या राजनितिक चुनावी चाल?

अयोध्या में 22 जनवरी को होने जा रहे राम मंदिर के उद्घाटन को, जिसे तकनीकी रूप में प्राण प्रतिष्ठा आयोजन कहा जा रहा है, एक खुल्लमखुल्ला राजनीतिक और उसमें भी चुनावी ईवेंट बना दिया गया है। यह सब इतनी...

अयोध्या तो बहाना है, दरअसल देश की लंका लगाना है!

अयोध्या में और उसे लेकर पूरे देश में - उनका दावा है कि दुनिया भर के भारतवासियों के बीच भी - जो किया जा रहा है, उसके रूप और सार दोनों को समझने की शुरुआत शुरू से ही करने...

जनगणना प्रपत्र में आदिवासियों के लिए अलग धर्म कॉलम के नाम पर सहमति बनाने आदिवासी संगठनों की 27 जनवरी को दिल्ली में बैठक

झारखंड (आदिनिवासी)। राष्ट्रीय आदिवासी समन्वय समिति भारत के समन्वयक श्री देवकुमार धान ने देश भर के आदिवासी संगठन प्रमुखों को सूचित करते हुए बताया है कि भारत देश के जनगणना प्रपत्र में आदिवासियों के लिए अलग धर्म कॉलम की...

मिलार्ड, निर्णय तो मिला पर न्याय नहीं!

2019 के अगस्त में शुरू में जम्मू-कश्मीर के संबंध में केंद्र सरकार ने जो विवादास्पद कदम उठाए, उनकी कानूनी/ संवैधानिक वैधता पर उस समय संसद में तथा संसद के बाहर भी गंभीर सवाल उठे थे और उसी आधार पर...

बंद पर्ची से बाहर निकलते मुख्यमंत्री

"देश की राजनीतिक स्क्रीन पर दिखाई जाने वाली छवि के प्रोजेक्टर तो अडानी ही हैं।" कहावतें सभ्यता के लम्बे अनुभव से जन्मती और आकार लेती हैं। कुछ प्राचीन सभ्यताओं की कहावतें अलग-अलग भाषाओं में ऐसे रच बस जाती हैं, जैसे...

यह तो जातिवाद का विरोध नहीं, तरफ़दारी है!

‘‘मेरे लिए देश की चार सबसे बड़ी जातियां हैं। मेरे लिए सबसे बड़ी जाति गरीब हैं। मेरे लिए सबसे बड़ी जाति हैं युवा, मेरे लिए सबसे बड़ी जाति हैं महिलाएं। मेरे लिए सबसे बड़ी जाति हैं किसान।’’ और ‘‘इन...

किसान मज़दूर महापड़ाव: किसानों और मज़दूरों का दिन-रात धरना प्रदर्शन

कॉरपोरेट सांप्रदायिक गठजोड़ के ख़िलाफ़, राजभवनों के सामने 26 से 28 नवंबर 2023मांगों का चार्टर 1. मूल्य वृद्धि पर नियंत्रण हो, भोजन दवाओं कृषि इनपुट और मशीनरी जैसी आवश्यक वस्तुस्तुओं पर जी. एस. टी. हटाई जाए, पेट्रोलियम चपावा और रसोई...

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“जनहित कार्यों को प्राथमिकता दें, विकास में लापरवाही बर्दाश्त नहीं” – सांसद ज्योत्सना महंत

कोरबा (आदिनिवासी) | कोरबा जिले में विकास योजनाओं की प्रगति की समीक्षा करते हुए लोकसभा सांसद श्रीमती ज्योत्सना चरणदास...