राजधानी दिल्ली के प्रशासनिक तंत्र और खासतौर पर नौकरशाही के ढांचे पर अपना सीधा नियंत्रण बनाए रखने के लिए, मोदी सरकार द्वारा शुक्रवार को जारी किए गए अध्यादेश के खिलाफ शब्दश: पूरा विपक्ष अगर एकजुट न हो, तो ही...
आमतौर से किसी देश की जनता में फूट, वैमनस्य और बिखराव पैदा करने के लिए उसके दुश्मन देश सैकड़ों, हजारों करोड़ रूपये खर्च करते हैं, लाख साजिशें और षडयंत्र रचते हैं, घुसपैठिये भेजते हैं, अफवाहें फैलाते हैं मगर...
58 प्रतिशत आरक्षण को असंवैधानिक करार दिए जाने पर लगाई रोक
नई दिल्ली (आदिनिवासी)। छत्तीसगढ़ सरकार को उच्चतम न्यायालय से छत्तीसगढ़ सरकार को बड़ी राहत मिली है। 58 प्रतिशत आरक्षण को हाई कोर्ट के द्वारा असंवैधानिक करार दिए जाने के...
नई दिल्ली (आदिनिवासी)। आदिवासियों के जीवन के अधिकार पर हमले तेज हो गए हैं। पिछले महीने ही देश भर में आदिवासियों पर विरोध और राज्य दमन की बाढ़ सी आ गई है। महाराष्ट्र के पालघर जिले में, वड़ोदरा-मुंबई...
कल परसों मोदी जी ने कर्नाटक के ईश्वरप्पा जी को वीडियो कॉल करके उनसे कर्नाटक चुनावों में भाजपा के साथ ही बने रहने की गुहार लगाई ; ईश्वरप्पा भी ईश्वर के ही अप्पा हैं, उन्होंने भी ब्रह्मा जी...
डॉ.बाबा साहेब अम्बेडकर भारतीय समाज के दलित-शोषित-उत्पीड़ित तबकों के विलक्षण प्रतिनिधि थे, जिन्होंने हिन्दू धर्म में जन्म तो लिया, लेकिन एक हिन्दू के रूप में उनका निधन नहीं हुआ। एक हिन्दू से गैर-हिन्दू बनने की उनकी यात्रा उनकी स्थापित...
निजी टीवी चैनलों के विस्फोट से पहले के दौर का भारतीय टेलीविजन जिसे भी याद होगा, उसे ‘‘टीपू सुल्तान’’ (वास्तव में टीपू सुल्तान की तलवार) सीरियल जरूर याद होगा। अकबर खान और संजय खान द्वारा निर्देशित यह धारावाहिक, 1990...
अमरीका में जब एक काले नागरिक पर जुल्म होता है तो वहां के गोरे हजारों-लाखों की संख्या में सड़क पर उतर जाते हैं लेकिन हमारे देश में उच्च जाति के लोग दलितों पर हो रहे अत्याचारों के मूकदर्शक बने...
प्रिय साथियों, 1936 में जब लाहौर के जाति पाति तोड़क मंडल ने बाबा साहेब डॉ आंबेडकर को पहले, सभापति के रूप में आमंत्रित किया और फिर भारत की क्रूर जाति व्यवस्था और अमानवीय हिंदुत्व के बारे में उनके...
खुश होना सहज इंसानी गुण है, प्रसन्नता मानवीय स्वभाव है ; बल्कि सही कहा जाए, तो उसकी जरूरत भी है, पहचान भी है। वर्ग विभाजित समाज में ज्यादातर लोगों के हिस्से में खुशियां नहीं आती। मगर हजार मुश्किलें...