चर्चा-समीक्षा

अफ्रीका: बहुमूल्य खनिजों, प्राकृतिक संसाधनों वाली अमीर धरती-जिसे गरीब बना दिया गया

अफ्रीका महाद्वीप को दुनिया अक्सर भूखे, जंगली, बर्बर और हिंसक आदिवासियों और जंगली जानवरों का महाद्वीप समझती है। दरअसल ये समझदारी उस मानसिकता से आती है, जो चमकते बाज़ारों, तकनीकी चमत्कारों और नौकरी का खूब बडा पैकेज देने वाले...

आखिरकार मोदी जी को गुस्सा क्यों आता है?

व्यंग : राजेंद्र शर्मा मोदी जी जो कुछ भी करते हैं या बहुत बार नहीं भी करते हैं, विरोधी षडयंत्रपूर्वक उसके खिलाफ दुष्प्रचार का मौका निकाल ही लेते हैं। अब मणिपुर के मुद्दे पर चुप रहने का ही मामला ले...

तो अब क्या स्वामी विवेकानंद भी नापे जाने वाले हैं?

धर्म और राजनीति का गोरखधंधा लगता है, अब विवेकानंद की बारी आ गयी है! उनकी 121वीं पुण्यतिथि वाले पखवाड़े में उन्हें एक भगवाधारी मॉडर्न संत ने जिस भाषा में, जिस तरह से याद किया, वह कुछ ज्यादा ही चौंकाने वाला...

मोदी सरकार इंडिया और भारत के बीच दरार पैदा करना चाहती है: भाकपा-माले

संविधान के अनुसार "INDIA जो कि भारत है, राज्यों का एक संघ होगा।" विपक्षी दलों की बेंगलुरु बैठक का संदेश क्या है? इस संबंध में दीपंकर भट्टाचार्य, महासचिव सीपीआई (एम-एल) लिबरेशन की ओर से 19 जुलाई के अपडेट में कहा...

सवाल किसी शुकुल के पेशाब कांड भर का नहीं, उससे आगे का है!

सीधी के पेशाब-काण्ड पर अनेक प्रतिक्रियाएं आ चुकी हैं। शब्दों में, भावनाओं में, प्रदर्शनों में आलोचनाओं में, निंदाओं में, भर्त्सनाओं में कुछ ने खूब तिलमिलाहट से, तो कुछ ने किंचित शांत भाव से भाजपा विधायक के प्रतिनिधि भाजपाई नेता...

नौकरी का मोह छोड़ो, स्टार्टअप के पीछे दौड़ो

व्यंग : राजेंद्र शर्मा हम तो पहले ही कहते थे। मोदी जी की याददाश्त इतनी खराब थोड़े ही है कि हर साल दो करोड़ नौकरियों का वादा करने के बाद भूल गए होंगे। मोदी जी अब अगर नौकरियों की बात...

अंधेरों से ज्यादा मुखर होते हैं उजालों के दस्तक

महिला खिलाड़ियों के यौन शोषण के विरुद्ध पूरे देश को झकझोर देने वाली हाल के दौर की एक शानदार लड़ाई की नेतृत्व त्रयी विनेश फोगाट, साक्षी मलिक और बजरंग पुनिया ने कहा है कि "सरकार ने भाजपा सांसद ...

समान नागरिक संहिता: समानता का नाम, भेदभाव बढ़ाना है काम

मोदी-शाह की भाजपा को 2024 के आम चुनाव में हिंदुत्ववादी ध्रुवीकरण के उछाल के लिए, अयोध्या के राम मंदिर से लेकर, काशी तथा उज्जैन को कॉरीडोरों तक का सहारा कम पड़ता लग रहा है। आम चुनाव से कुछ ही...

कॉमन सिविल कोड: कॉमन की चाहत है, ना इरादा ही सिविल है!

14 जून को अचानक भाजपा नीत केंद्र सरकार की प्रज्ञा जाग्रत हुई और अपने विधि विभाग की ओर से उसने समान नागरिक संहिता - कॉमन सिविल कोड - पर एक बार फिर देश भर से सुझाव, सलाहें और प्रस्ताव...

गीता प्रेस को गांधी शांति पुरस्कार: पुनि-पुनि गांधी हत्या

अमृतकाल-पूर्व का भारत होता तो बेशक, इसके भोंडेपन पर आम तौर पर हंसा ही जा रहा होता। प्रधानमंत्री मोदी की अध्यक्षता में, उनकी सरकार के संस्कृति मंत्रालय के अंतर्गत काम करने वाली समिति, गोरखपुर के ‘‘गीता प्रेस’’ को वर्ष...

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बालको ब्लॉक कांग्रेस की नई कार्यकारिणी घोषित – अनुभव और युवा ऊर्जा का संगम

कोरबा/बालकोनगर (पब्लिक फोरम)। दर्री जमनीपाली ब्लॉक कांग्रेस कमेटी के पुनर्गठन की कड़ी में अब बालको ब्लॉक कांग्रेस अध्यक्ष ए.डी....