" जुबान नहीं फिसली है, असल बात जुबान पर आ गई है! "मैंने लिखा था, वे गांधी-नेहरू के बाद अंतिम हमला आंबेडकर पर ही बोलेंगे, आखिर अमित शाह ने आंबेडकर पर हमला बोल ही दिया।भारत को हिंदू राष्ट्र में तब्दील...
संसद के शीतकालीन सत्र में ‘संविधान के 75 वर्ष’ के गौरवशाली मौके पर लोकसभा में दो दिनों की बहुत जीवंत बहस हुई। इसमें तमाम तरह के राजनीतिक और वैचारिक मुद्दे उठे। सत्तापक्ष का जोर समसामयिक राजनीतिक मुद्दों पर रहा।
कई...
बुलडोज़र गाथा
इंडियन एक्सप्रेस (18 नवंबर, 2024) में सुहास पलसीकर लिखते हैं : "हमारे लोकतंत्र के साथ जो गड़बड़ी है, बुलडोज़र उसका एक अभिलक्षण है। अदालत ने आख़िरकार भौतिक बुलडोज़र पर ग़ौर फ़रमाया है और इसके ग़ैर-क़ानूनी इस्तेमाल को रोकने...
'कहीं पे निगाहें, कहीं पे निशाना' साधते सीकरी के असाधु और असंत
कुनबे की हड़बड़ी कुछ ज्यादा ही बढ़ी दिख रही है ; उन्मादी ध्रुवीकरण को तेज से तेजतर और उसके तरीकों को अशिष्ट से अभद्रतम तक पहुंचाया जा रहा...
भारत में प्रायः राजनैतिक शक्ति और आर्थिक प्रभुत्व के विस्तार की तुलना इतिहास में फासीवादी शासन के उदय से की जाती है। एक लोकप्रिय धारणा यह है कि जब राजनेता और व्यवसायी घनिष्ठ गठबंधन बनाते हैं, तो इसका परिणाम...
सिर्री नहीं है कंगना जी!
एक बार फिर कंगना राणावत (या रनौत जो भी हैं) ने एक बयान दिया और फिर उसके बाद जैसा कि इस कुनबे का रिवाज, परम्परा, लत, अदा और अंदाज (जो भी कह लीजिये) है, वह...
भारत के कई नए 'सामान्य' के बीच, अब यह भी एक सामान्य बात हो गई है कि प्रधानमंत्री किसी 'निजी' धार्मिक आयोजन में शामिल होने के लिए मुख्य न्यायाधीश के निवास पर जाएं और इस पूरी घटना का व्यवस्थित...
सांप्रदायिक ध्रुवीकरण का खेल
झारखंड के गोड्डा से भाजपा सांसद निशिकांत दुबे ने संसद में यह बात कहकर सनसनी फैला दी थी कि राज्य में संथाल परगना क्षेत्र में बांग्लादेशी घुसपैठियों के कारण आदिवासियों की आबादी गिर रही है और...
देश की आर्थिक नीतियों में बड़े बदलावों के साथ, एक नई लेकिन चिंताजनक दिशा की ओर बढ़ते दिखाई दे रहे हैं। 1947 में आजादी के बाद, भारत सरकार ने 562 रियासतों को एकजुट कर एक मजबूत और संप्रभु लोकतंत्र...
मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री मोहन यादव ने ताल ठोंक कर एलान किया है कि अब भारत देश में सिर्फ और केवल वे ही लोग रह सकेंगे, जो "राम-कृष्ण" बोलेंगे। उनके इस कथन की बाकी पैमानों से पड़ताल बाद की बात...