गुरूवार, जनवरी 22, 2026

चर्चा-समीक्षा

वह भीड़ जो जुलूस नहीं बन पाई: उनको कोसें नहीं, बल्कि उनसे बात करें !

सीहोर के पास कथावाचक प्रदीप मिश्रा के कुबेरेश्वर धाम में इकट्ठा हुए 10 लाख लोगों ने जो पीड़ा, यंत्रणा और त्रासदी झेली उसकी खबर सबने देखी है। इनमें बच्चे थे, बुजुर्ग थे, महिलायें थीं। कई की मौत हो गयी...

भारतीय राजनीति का बाबा काल: देश हुआ बेहाल

यह कहने में शायद ज्यादा अतिशयोक्ति नहीं होगी कि भारतीय राजनीति में बाबा युग आ पहुंचा है। एक दिन खबरों में गुरमीत राम रहीम की पैरोल पर एक और अपेक्षाकृत लंबी रिहाई और उसके दौरान सार्वजनिक आयोजनों में हिस्सेदारी...

यूपी सरकार द्वारा बोलने की आजादी पर हमला है नेहा सिंह को नोटिस -जन संस्कृति मंच

लोकप्रिय गायिका नेहा सिंह राठौड़ को उनके नये गीत पर नोटिस देकर कार्रवाई की चेतावनी दिये जाने की जन संस्कृति मंच ने निंदा करते हुए इसे अभिव्यक्ति की आज़ादी पर हमला बताया है। जसम ने नेहा सिंह राठौड़ के...

नयी पेंशन योजना: हंगामा है क्यों बरपा

हिमाचल प्रदेश के हाल के चुनाव में जनता के सत्ताधारी भाजपा के खिलाफ स्पष्ट जनादेश देने के बाद से पुरानी पेंशन बनाम नई पेंशन व्यवस्था के विवाद ने सभी प्रमुख राजनीतिक ताकतों को अपना नोटिस लेने के लिए बाध्य...

राष्ट्रपति अभिभाषण पर बहस और उसके बाद : निर्वाचित तानाशाही की ओर एक और कदम

जब नाश मनुज पर छाता है, पहले विवेक मर जाता है। राष्ट्रकवि के रूप में विख्यात रामधारी सिंह दिनकर की अमर कृति 'रश्मिरथी' की ये बहुउद्यृत पंक्तियां तभी से याद आ रही हैं, जब प्रधानमंत्री मोदी ने राष्ट्रपति के अभिभाषण...

गोंड आदिवासी समाज को क्यों नहीं है ST का अधिकार? चुप क्यों है यूपी सरकार?

इस देश का गोंड आदिवासी समाज उत्तर प्रदेश में आज भी शेड्यूल्ड ट्राइब (अनुसूचित जनजाति) की श्रेणी में नहीं आता। भारत की आजादी से आज तक उत्तर प्रदेश में ऐसा हो रहा है, आखिरकार इतनी बड़ी गलती किसकी...

छत्तीसगढ़ में ईसाई समुदाय पर हमला : एक संघी एजेंडा, जिसका आदिवासी संस्कृति रक्षा से कोई लेना-देना नहीं

बड़ी भूरी आंखों वाली वह महिला कमजोर-सी लग रही है। अपनी बाहों पर चोटों को छुपाने के लिए उसने एक शॉल लपेट रखा है। उसकी आवाज धीमी है, लेकिन वह गरिमा के साथ बोलती है और इस गरिमा में...

भागवत कथा में ‘हलुआ मिला न मांड़े-दोऊ दीन से गए पांड़े’

फिलहाल तो मोहन भागवत अपनी ही भागवत कथा में फँस गये लगते हैं। मुम्बई में संत रविदास की जयन्ती पर दिये अपने भाषण में उन्होंने दलितों को लुभाने के लिए जो जाल बिछाया था, वह उलटा पड़ गया लगता...

कौन है गुंडा? कैसे बना गुंडा एक्ट? एक हैरतअंगेज दास्तान

राजनीति में गुंडा शब्द इन दिनों काफी प्रचलित हो चुका है। ये शब्द अक्सर सुनने को मिलते हैं- भाजपा के गुंडे, सपा के गुंडे, किसान नहीं गुंडे हैं। गुंडागर्दी, गुंडा टैक्स, गुंडाराज भी कहा जाता है। आम बोलचाल, मीडिया...

कैसे मजबूत होगा आमजन?

विकास के चक्के चलाने के लिए आदमी की जरूरत होती है. प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने जब सरकार में शीर्ष स्तर से ‘मुफ्त की रबड़ी बनाम उत्पादक खर्च' की बहस छेड़ी थी‚ तभी अनेक टिप्पणीकारों ने इस बहस के जरिए खड़े...

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कोरबा शहरी क्षेत्र में आंगनबाड़ी भर्ती: अनंतिम मूल्यांकन पत्रक जारी; दावा-आपत्ति 29 जनवरी तक

कोरबा (आदिनिवासी)। एकीकृत बाल विकास परियोजना, कोरबा (शहरी) अंतर्गत नगर निगम क्षेत्र में आंगनबाड़ी कार्यकर्ता एवं सहायिकाओं की भर्ती...