अमेरिका में भागवत: विवेकानंद नंबर टू या पाखंडी नंबर वन! “अगर कोई हिंदू यह मानता है कि भारत में मुसलमान रहें ही नहीं, तो वह हिंदू रहेगा ही नहीं।” और यह भी कि, “अगर कोई खुद को हिंदू कहता है, तो उसे यह मानना होगा कि रास्ते (पूजा पद्घतियां) अलग-अलग हैं, पर एक ही लक्ष्य […]