शुक्रवार, अगस्त 29, 2025

कोरबा में शादी के भोज ने बिगाड़ी 51 लोगों की तबीयत, फूड प्वाइजनिंग से पहरीपारा गांव में हड़कंप

Must Read

कोरबा (आदिनिवासी)। छत्तीसगढ़ के कोरबा जिले के ग्राम पंचायत भैसमा के पहरीपारा गांव में गुरुवार रात एक शादी समारोह की खुशियां उस वक्त मातम में बदल गईं, जब भोज में शामिल 51 लोग फूड प्वाइजनिंग का शिकार हो गए। बीमारों में 37 बच्चे, 11 महिलाएं और 3 पुरुष शामिल हैं। सभी को गंभीर हालत में जिला मेडिकल कॉलेज अस्पताल में भर्ती कराया गया है। इस घटना ने गांव में दहशत फैला दी है, और लोग सदमे में हैं।

क्या हुआ था उस रात?
कोरबा के उरगा थाना क्षेत्र के ग्राम पंचायत भैसमा के पहरीपारा गांव में अमित कुमार सारथी के घर शादी समारोह का आयोजन था। रात को आयोजित भोज में गांव के सैकड़ों लोग शामिल हुए। हंसी-खुशी के माहौल में ग्रामीणों ने स्वादिष्ट भोजन का लुत्फ उठाया, लेकिन कुछ ही घंटों बाद लोगों की तबीयत बिगड़ने लगी। पहले बच्चों को उल्टी और पेट दर्द की शिकायत हुई, फिर महिलाएं और पुरुष भी बीमार पड़ने लगे।

पुलिस सहायता केंद्र प्रभारी दाऊद कुजुर ने बताया कि भोज के बाद कई लोगों ने मिठाई खाई थी। प्रारंभिक जांच में आशंका जताई जा रही है कि मिठाई में कुछ गड़बड़ी के कारण यह स्थिति बनी। स्वास्थ्य विभाग की टीम तुरंत मौके पर पहुंची और मामले की जांच शुरू कर दी है।

अस्पताल में जिंदगी की जंग
जिला मेडिकल कॉलेज अस्पताल में भर्ती मरीजों का इलाज जारी है। डॉक्टरों के अनुसार, अधिकांश मरीजों की हालत स्थिर है, लेकिन कुछ बच्चों की स्थिति अभी भी गंभीर बनी हुई है। अस्पताल में मरीजों के परिजनों की भीड़ लगी है, और हर कोई अपने प्रियजनों की सलामती की दुआ मांग रहा है।

गांव में फैली दहशत
भैसमा गांव में इस घटना के बाद से सन्नाटा पसरा है। ग्रामीण डरे हुए हैं और भविष्य में ऐसे आयोजनों से बचने की बात कर रहे हैं। कई परिवारों ने बताया कि वे अब बाहर का खाना खाने से परहेज करेंगे। इस घटना ने सामुदायिक आयोजनों की सुरक्षा और खाद्य गुणवत्ता पर सवाल खड़े कर दिए हैं।

स्वास्थ्य विभाग और पुलिस अलर्ट
स्वास्थ्य विभाग ने गांव में कैंप लगाकर अन्य लोगों की जांच शुरू कर दी है। खाद्य नमूनों को प्रयोगशाला में भेजा गया है ताकि फूड प्वाइजनिंग के सटीक कारण का पता लगाया जा सके। उरगा थाना पुलिस भी मामले की जांच कर रही है। पुलिस यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि मिठाई कहां से आई थी और क्या इसे बनाने में कोई लापरवाही बरती गई।

क्या है फूड प्वाइजनिंग और कैसे बचें?
फूड प्वाइजनिंग तब होती है, जब दूषित या खराब भोजन खाने से शरीर में बैक्टीरिया या विषाक्त पदार्थ प्रवेश कर जाते हैं। इसके लक्षणों में उल्टी, दस्त, पेट दर्द और बुखार शामिल हैं। विशेषज्ञों का कहना है कि सामुदायिक आयोजनों में खाद्य सुरक्षा पर विशेष ध्यान देना जरूरी है।

– खाना ताजा और स्वच्छ परिस्थितियों में बनाया जाए।
– मिठाइयों और अन्य खाद्य पदार्थों की गुणवत्ता की जांच हो।
– आयोजन से पहले खाद्य सामग्री की तारीख और गुणवत्ता की जांच करें।

यह घटना न केवल भैसमा गांव के लिए, बल्कि पूरे क्षेत्र के लिए एक सबक है। सामुदायिक आयोजनों में खाद्य सुरक्षा को लेकर जागरूकता बढ़ाने की जरूरत है। स्थानीय प्रशासन और स्वास्थ्य विभाग से अपील की जा रही है कि ऐसी घटनाओं को रोकने के लिए कड़े नियम लागू किए जाएं।

- Advertisement -
  • nimble technology
Latest News

“जनहित कार्यों को प्राथमिकता दें, विकास में लापरवाही बर्दाश्त नहीं” – सांसद ज्योत्सना महंत

कोरबा (आदिनिवासी) | कोरबा जिले में विकास योजनाओं की प्रगति की समीक्षा करते हुए लोकसभा सांसद श्रीमती ज्योत्सना चरणदास...

More Articles Like This