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शर्म-निरपेक्ष गिरोह की वजह से दुनिया में शर्मसार होता धर्मनिरपेक्ष भारत

यह टिप्पणी जुमे को हुए उपद्रवों से पहले लिखी गयी है। हालांकि जुमे के दिन हुए प्रदर्शनों ने और उनमें, उनके बहाने घटी हिंसक वारदातों से इस टिप्पणी में कुछ भी परिवर्तित करने योग्य नहीं घटा, सिवाय इसके कि...
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