कोरबा (आदिनिवासी)। गर्मी का मौसम दस्तक दे चुका है और सूरज की तपिश दिन-ब-दिन तीखी होती जा रही है। ऐसे में कोरबा जिले में लू (तापाघात) का खतरा भी तेजी से बढ़ रहा है। इस गंभीर स्थिति को देखते हुए जिला कलेक्टर श्री कुणाल दुदावत के मार्गदर्शन में स्वास्थ्य विभाग ने एक महत्वपूर्ण एडवाइजरी जारी की है, जिसमें आम नागरिकों से आवश्यक सावधानियां अपनाने का आग्रह किया गया है।
लू क्या है और यह क्यों खतरनाक है?
मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी (सीएमएचओ) के अनुसार, तेज धूप और शुष्क वातावरण में जब शरीर का तापमान असंतुलित हो जाता है, तो शरीर में पानी और आवश्यक खनिज लवणों की गंभीर कमी हो जाती है – इसी स्थिति को “लू” या “हीट-स्ट्रोक” कहते हैं। यह स्थिति जानलेवा भी हो सकती है।
दफ्तरों में काम करने वाले कर्मचारी, खेतों में जुटे किसान और बाजार में आने-जाने वाले नागरिक – सभी धूप में पर्याप्त पानी और पेय पदार्थ नहीं ले पाते, जिससे वे “निर्जलीकरण” के शिकार हो जाते हैं। समय पर उपचार न मिलने पर यह स्थिति अत्यंत गंभीर रूप ले सकती है।
लू के प्रमुख लक्षण – इन्हें पहचानें, देर न करें
लू का शिकार होने पर व्यक्ति में निम्न लक्षण दिखाई दे सकते हैं –
– तेज सिरदर्द और बुखार
– उल्टी और अत्यधिक पसीना आना
– चक्कर आना या बेहोशी
– सांस फूलना और दिल की धड़कन तेज होना
– शरीर में कमजोरी और ऐंठन
– त्वचा का लाल और सूखा हो जाना
बचाव के उपाय ए छोटी सतर्कता, बड़ी सुरक्षा
स्वास्थ्य विभाग ने नागरिकों को निम्नलिखित सावधानियाँ अपनाने की सलाह दी है –
– घर से निकलते समय “सफेद, सूती या हल्के रंग के कपड़े” पहनें।
– “भोजन करके और पानी पीकर” ही घर से बाहर निकलें।
– गर्दन, कान और सिर को “गमछे या कपड़े से ढककर” रखें।
– “छतरी और धूप के चश्मे” का उपयोग करें।
– दिनभर “पर्याप्त मात्रा में पानी” और तरल पदार्थ पिएं, साथ में पानी की बोतल रखें।
– दोपहर की कड़ी धूप” में बेवजह बाहर निकलने से बचें।
– बच्चों, बुजुर्गों और गर्भवती महिलाओं” का विशेष ध्यान रखें – उन्हें समय-समय पर पानी पिलाएं और सुपाच्य भोजन दें।
– धूप में नंगे पाँव न चलें और तेज धूप में व्यायाम या कठोर शारीरिक श्रम से बचें।
– घर के अंदर “तीव्र धूप आने से रोकें”- पर्दे या दरवाजे बंद रखें।
लू लगने पर क्या करें – प्राथमिक उपचार
यदि कोई व्यक्ति लू का शिकार हो जाए, तो तुरंत ये कदम उठाएं –
– रोगी को “छायादार स्थान” पर लिटाएं और गीले कपड़े से पंखा करें।
– शरीर का तापमान कम करने के लिए “ठंडे पानी की पट्टियाँ” रखें।
– यदि रोगी “बेहोश हो”, तो उसे कुछ भी खाने-पीने को न दें और “तत्काल चिकित्सा सहायता” लें।
– रोगी के होश में आने पर “ठंडे पेय पदार्थ, ORS घोल या कच्चे आम का पना” पिलाएं।
– जितनी जल्दी हो सके, रोगी को “नजदीकी स्वास्थ्य केंद्र” पहुँचाएं।
जिले के सभी स्वास्थ्य केंद्रों में तैयारी पूरी
सीएमएचओ ने बताया कि जिले के “मेडिकल कॉलेज”, सभी “सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों”, “प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों” और “शहरी स्वास्थ्य केंद्रों” में लू से बचाव और उपचार हेतु “पर्याप्त जीवन रक्षक दवाइयाँ एवं ORS” उपलब्ध करा दिए गए हैं।
कलेक्टर श्री दुदावत और सीएमएचओ ने जिले के सभी नागरिकों से अपील की है कि वे इस गर्मी के मौसम में स्वयं और अपने परिवार की सुरक्षा के लिए इन उपायों को अपनाएं। “थोड़ी सी सतर्कता जीवन बचा सकती है।”




