शुक्रवार, जनवरी 9, 2026

कोरबा: न्याय की आस में भू-विस्थापित; नवनियुक्त कलेक्टर से मिले किसान, विशेष सेल और जनसुनवाई की मांग

Must Read

कोरबा (आदिनिवासी)। औद्योगिक प्रगति की चकाचौंध के बीच अपनी जड़ों से उखड़े हजारों परिवारों की पीड़ा एक बार फिर प्रशासन के द्वार तक पहुँची है। जिला कोरबा के नवनियुक्त जिलाधीश कुणाल दुदावत के कार्यभार संभालते ही ‘ऊर्जाधानी भू-विस्थापित किसान कल्याण समिति’ (UBKKS) के एक प्रतिनिधिमंडल ने उनसे शिष्टाचार भेंट की और जिले के भू-विस्थापितों की दशकों पुरानी लंबित समस्याओं को लेकर एक औपचारिक ज्ञापन सौंपा।

अस्तित्व और अधिकार की लड़ाई
विदित हो कि SECL, NTPC, CSEB और BALCO जैसे बड़े औद्योगिक घरानों की स्थापना के लिए स्थानीय ग्रामीणों और आदिवासियों ने अपनी पूर्वजों की पैतृक भूमि का त्याग किया था। समिति ने जिलाधीश को अवगत कराया कि वर्तमान में ये परिवार न केवल अपनी पहचान खो चुके हैं, बल्कि रोजगार, उचित पुनर्वास और बुनियादी नागरिक सुविधाओं (बसाहट) के अभाव में एक अनिश्चित भविष्य से जूझ रहे हैं।

प्रशासनिक हस्तक्षेप की मांग: ‘विशेष सेल’ का प्रस्ताव
ज्ञापन के माध्यम से समिति ने एक महत्वपूर्ण मांग रखते हुए जिलाधीश से आग्रह किया है कि विस्थापन से संबंधित जटिल शिकायतों की त्वरित समीक्षा के लिए एक ‘विशेष सेल’ का गठन किया जाए। इसके साथ ही, प्रभावितों की सीधी सुनवाई के लिए विशेष ‘जनसुनवाई’ आयोजित करने का भी प्रस्ताव दिया गया है। समिति का मानना है कि जिला प्रशासन को औद्योगिक प्रबंधनों के साथ बेहतर समन्वय स्थापित कर विस्थापितों को उनका वाजिब हक दिलाना चाहिए।

युवाओं और आदिवासियों में बढ़ता असंतोष
समिति के अध्यक्ष सपुरन कुलदीप ने जमीनी हकीकत बयां करते हुए कहा कि मूलभूत अधिकारों और सुविधाओं के अभाव में जिले के आदिवासियों, पिछड़े वर्गों और विशेष रूप से युवाओं के बीच गहरा आक्रोश पनप रहा है। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि नए जिलाधीश के संवेदनशील और कुशल नेतृत्व में न केवल कोरबा का विकास होगा, बल्कि विकास की बलि चढ़े मूल निवासियों को भी न्याय मिलेगा।

इस महत्वपूर्ण मुलाकात के दौरान प्रतिनिधिमंडल में विजयपाल सिंह तंवर, रुद्र दास महंत, अनुसुईया राठौर, संतोष कुमार चौहान, श्रीकांत सोनकर और ललित महिलांगे प्रमुख रूप से उपस्थित रहे। सभी सदस्यों ने जिलाधीश को सफल कार्यकाल की मंगलकामनाएं देते हुए उम्मीद जताई कि उनकी समस्याओं का निराकरण प्राथमिकता के आधार पर किया जाएगा।

- Advertisement -
  • nimble technology
Latest News

लखनऊ प्रेरणा पार्क: हिंदू राष्ट्र की राजनीति का प्रतीक या ऐतिहासिक विवादों का स्मारक?

हिन्दू राष्ट्र का ‘लोगो’ है लखनऊ का प्रेरणा पार्क अंततः साल के आख़िरी दिनों में लखनऊ को एक और विराट...

More Articles Like This