“मैं आपकी समस्याएं सुनने आया हूं”- कोरबा कलेक्टर कुणाल दुदावत की अंतिम छोर के गाँवों तक पहुँच; नकिया चौपाल में बरसा विश्वास

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कोरबा (आदिनिवासी)। जहां सड़कें खत्म होती हैं, वाहन से प्रशासन की जिम्मेदारी शुरू होती है – इसी भावना को साकार करते हुए कोरबा के कलेक्टर कुणाल दुदावत शुक्रवार को जिले के सबसे दूरस्थ गाँवों – लेमरू, नकिया और श्यांग – की मिट्टी पर उतरे। उनका यह दौरा महज एक प्रशासनिक भ्रमण नहीं था, बल्कि हाशिये पर खड़े लोगों तक सरकार की गर्मजोशी पहुँचाने का एक सच्चा प्रयास था।

आमा पेड़ की छाँव में चौपाल, दिल से दिल का संवाद
ग्राम नकिया में जब कलेक्टर पहुँचे, तो पीवीटीजी परिवारों की उत्सुक निगाहें उन पर टिक गईं। किसी को शायद यकीन नहीं था कि जिले का सबसे बड़ा अधिकारी उनके दरवाजे तक आएगा। लेकिन कलेक्टर श्री दुदावत ने बिना किसी औपचारिकता के, आम के पेड़ के नीचे खाट पर बैठकर, सहज और आत्मीय स्वर में कहा –
“मैं कलेक्टर हूँ, आप मुझे पहचानते हैं न। मैं आपकी समस्याएँ सुनने आया हूँ। आपका गाँव बहुत सुंदर है। बताइए, आपके गाँव में क्या चाहिए?”
बस इतने शब्दों ने बर्फ पिघला दी। ग्रामीण खुलकर बोलने लगे।

ग्रामीणों की माँगें, कलेक्टर का भरोसा
चौपाल में ग्रामीणों ने बाजार शेड निर्माण, कोतरा डाँड़ तक सड़क, खराखेत पारा में स्कूल भवन, आंगनबाड़ी केंद्र, नकिया में विद्युतीकरण और प्रधानमंत्री आवास जैसी बुनियादी जरूरतें रखीं। कलेक्टर ने प्रत्येक माँग को ध्यान से सुना और शीघ्र समाधान का आश्वासन दिया।

कुछ महिलाओं ने बताया कि महतारी वंदन योजना की राशि उनके खाते में नहीं आई है। इस पर कलेक्टर ने तत्काल संबंधित बैंक को सोमवार को गाँव में शिविर लगाकर जाँच करने के निर्देश दिए।

खेती, आवास और राशन – हर मुद्दे पर स्पष्ट जवाब
कलेक्टर ने ग्रामीणों को बताया कि बोर के माध्यम से सिंचाई की व्यवस्था सुनिश्चित की जाएगी और कृषि विज्ञान केंद्र के अधिकारी गाँव के किसानों को खेती का प्रशिक्षण देंगे। प्रधानमंत्री आवास से वंचित लोगों को उन्होंने स्पष्ट किया कि जो सर्वे में छूट गए हैं, वे आवेदन कर सकते हैं और नया लक्ष्य मिलते ही निर्माण कार्य शुरू किया जाएगा।
फरवरी में राशन वितरण में हुई चूक को भी उन्होंने स्वीकार करते हुए कहा कि मार्च में फरवरी का चावल भी राशन दुकानों से उपलब्ध कराया जाएगा।
इस अवसर पर कलेक्टर ने प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत घर जल्दी पूर्ण करने वाले पहाड़ी कोरवा हितग्राहियों – वीरूराम और शाम कुंवर – को सम्मानित कर सामुदायिक प्रेरणा का संदेश भी दिया।

लेमरू स्वास्थ्य केंद्र का आकस्मिक निरीक्षण, लैब टेक्नीशियन नियुक्ति के निर्देश
नकिया चौपाल के बाद कलेक्टर ने प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र लेमरू का आकस्मिक निरीक्षण किया। उन्होंने पाया कि रक्त जाँच की सुविधा के लिए लैब टेक्नीशियन का अभाव है। मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. एस. एन. केशरी को उन्होंने शीघ्र नियुक्ति सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।

इसके साथ ही आवश्यक दवाइयाँ सीजीएमएससी के माध्यम से मंगाने, ड्रेसिंग सामग्री पर्याप्त रखने, गर्भवती महिलाओं के संस्थागत प्रसव को प्रोत्साहित करने और उच्च जोखिम वाली गर्भवती महिलाओं की नियमित निगरानी सुनिश्चित करने के भी निर्देश दिए। उन्होंने चिकित्सा स्टाफ को समय पर उपस्थित रहने और मरीजों का समुचित उपचार करने की कड़ी हिदायत दी।

जून तक पूरा हो चिर्रा-श्यांग मार्ग
दौरे के अंतिम चरण में कलेक्टर ने ग्राम श्यांग को जोड़ने वाले चिर्रा-श्यांग सड़क निर्माण कार्य का निरीक्षण किया। उन्होंने ठेकेदार को स्पष्ट और सख्त निर्देश दिए कि जून माह तक यह मार्ग हर हाल में पूरा हो। इसके लिए अतिरिक्त मजदूर लगाने और गुणवत्ता से समझौता न करने की बात भी उन्होंने दृढ़ता से कही।
इस पूरे दौरे में जिला पंचायत सीईओ दिनेश कुमार नाग, सहायक कलेक्टर क्षितिज कुमार गुरभेले, एसडीएम सरोज महिलांगे सहित अन्य वरिष्ठ अधिकारी साथ रहे।
कलेक्टर श्री दुदावत का यह दौरा इस बात का प्रमाण है कि जब प्रशासन संवेदनशीलता के साथ चलता है, तो दूरी महज भौगोलिक रह जाती है – दिलों की नहीं।

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