सेवानिवृत्त कर्मचारियों से बालको बचाओ समिति की स्पष्ट अपील
कोरबा (आदिनिवासी)। बालको बचाओ संयुक्त संघर्ष समिति ने वेदांता प्रबंधन के बढ़ते दबावों के बीच बालको के सेवानिवृत्त कर्मचारियों से एक महत्वपूर्ण अपील जारी की है। समिति ने स्पष्ट शब्दों में कहा है कि जब तक सेवानिवृत्त कर्मचारियों को उनके सेवाकाल के बकाया और अंतिम भुगतान की पूरी राशि नहीं मिल जाती, तब तक वे किसी भी स्थिति में कंपनी द्वारा आवंटित आवास खाली न करें।
समिति ने आरोप लगाया है कि वेदांता प्रबंधन की ओर से कर्मचारियों पर आवास खाली कराने के लिए सुरक्षा गार्डों और अधिकारियों के माध्यम से दबाव और धमकियों का सहारा लिया जा रहा है, जो न केवल मानवाधिकारों के विरुद्ध है बल्कि सेवानिवृत्त कर्मचारियों के सम्मान और अधिकारों पर सीधा प्रहार भी है।
“भुगतान और सुविधा पाना हमारा अधिकार”
बालको बचाओ संयुक्त संघर्ष समिति के संयोजक बी.एल. नेताम ने कहा कि कर्मचारियों का अपने सेवाकाल का अंतिम भुगतान और बालको चिकित्सालय की चिकित्सा सुविधा प्राप्त करना उनका वैधानिक और नैतिक अधिकार है।
उन्होंने स्पष्ट कहा, “कंपनी से बकाया भुगतान मांगना अपराध नहीं, बल्कि मेहनतकश कर्मचारी का हक है। इस अधिकार को किसी भी प्रकार के दबाव या धमकी से छीना नहीं जा सकता।”
समिति ने सेवानिवृत्त कर्मचारियों से अपील की है कि वे किसी भी भय या निराशा में न आएं, और यदि किसी प्रकार की धमकी, उत्पीड़न या बिजली-पानी, और शौचालय सुविधा जैसी मूलभूत सुविधाओं की कटौती की जाती है, तो तुरंत पुलिस में शिकायत दर्ज कराएं और समिति को सूचित करें ताकि सामूहिक रूप से कार्रवाई की जा सके।

कर्मचारियों के साथ अन्याय का प्रतिरोध जारी रहेगा
संघर्ष समिति का कहना है कि बालको में वेदांता प्रबंधन का रवैया लगातार श्रमिक और जनविरोधी बनता जा रहा है।
कंपनी सेवानिवृत्त कर्मचारियों के वर्षों की सेवा, समर्पण और योगदान की उपेक्षा कर रही है, जो सामाजिक न्याय की दृष्टि से निंदनीय है। समिति ने यह भी दोहराया कि जब तक सभी कर्मचारियों को उनका बकाया भुगतान और वैधानिक सुविधाएं नहीं मिल जातीं, तब तक आंदोलन जारी रहेगा।
“यह संघर्ष केवल कुछ कर्मचारियों का नहीं, बल्कि मेहनतकश वर्ग के सम्मान और अधिकार की लड़ाई है,” संघर्ष समिति के प्रतिनिधि मंडल ने कहा।
समिति से संपर्क और एकजुटता का आह्वान
बालको बचाओ संयुक्त संघर्ष समिति ने सभी सेवानिवृत्त कर्मचारियों से अनुरोध किया है कि वे संघर्ष के इस दौर में एकजुट रहें और समिति से सतत संपर्क बनाए रखें।
उन्होंने कहा कि सामूहिक एकता ही वेदांता जैसी बड़ी कंपनियों के शोषणकारी रवैये के विरुद्ध सबसे प्रभावी जवाब है।
न्याय और सम्मान के लिए जारी रहेगा संघर्ष
बालको के सेवानिवृत्त कर्मचारी अपने जीवन की संध्या काल में जिस आर्थिक और मानसिक संकट से गुजर रहे हैं, वह केवल व्यक्तिगत पीड़ा नहीं बल्कि श्रमिक वर्ग के साथ बढ़ते अन्याय की सामूहिक कहानी है। बालको बचाओ संयुक्त संघर्ष समिति की यह अपील केवल एक चेतावनी नहीं, बल्कि एक संघर्ष का ऐलान है –
कि जब तक न्याय, अधिकार और सम्मान नहीं मिलेगा, आवाज और आंदोलन दोनों जारी रहेंगे।




