कोरबा (आदिनिवासी)। उपभोक्ताओं को अपने अधिकारों एवं हितों के प्रति सतर्क और जागरूक रहना समय की अनिवार्य आवश्यकता है। इसी उद्देश्य से छत्तीसगढ़ राज्य उपभोक्ता आयोग के निर्देशानुसार जिला उपभोक्ता आयोग, कोरबा द्वारा जिले के ग्रामीण क्षेत्रों में प्रतिमाह आयोजित किए जा रहे उपभोक्ता जागरूकता शिविरों की श्रृंखला के तहत 31 दिसंबर 2025 को ग्राम पंचायत नकटीखार में एक व्यापक जागरूकता शिविर का आयोजन किया गया।
शिविर में जिला उपभोक्ता आयोग, कोरबा की अध्यक्षा श्रीमती रंजना दत्ता, सदस्य सुश्री ममता दास एवं श्री पंकज कुमार देवड़ा ने संयुक्त रूप से ग्रामीणों को उपभोक्ता की परिभाषा, उनके अधिकारों तथा संरक्षण से जुड़े महत्वपूर्ण पहलुओं की विस्तृत जानकारी दी। उन्होंने स्पष्ट किया कि कोई भी व्यक्ति जो वस्तु या सेवा का क्रय करता है, वह उपभोक्ता की श्रेणी में आता है और उसे कानून द्वारा प्रदत्त अधिकारों का संरक्षण प्राप्त है।

आयोग के पदाधिकारियों ने ग्रामीणों को वस्तुओं की कीमत, गुणवत्ता एवं मात्रा की जांच, सेवाओं की शर्तों, संविदाओं, बीमा, मेडिकल क्लेम, फाइनेंस कंपनियों, बैंकों, यातायात सेवाओं तथा ऑनलाइन खरीदारी के दौरान बरती जाने वाली सावधानियों के बारे में विस्तार से बताया। उन्होंने कहा कि उपभोक्ताओं को किसी भी सेवा या समझौते में प्रवेश से पहले शर्तों को भली-भांति समझना चाहिए, ताकि भविष्य में किसी प्रकार की धोखाधड़ी या शोषण से बचा जा सके।
शिविर में यह भी जानकारी दी गई कि उपभोक्ता अपने हितों के विरुद्ध किसी संविदा या सेवा से परेशान होने की स्थिति में ई-जागृति पोर्टल के माध्यम से घर बैठे ही ई-फाइलिंग कर जिला उपभोक्ता आयोग के समक्ष शिकायत दर्ज करा सकते हैं। इसके साथ ही, आयोग द्वारा ई-हियरिंग की सुविधा भी उपलब्ध कराई जा रही है, जिससे ग्रामीण एवं दूरस्थ क्षेत्रों के उपभोक्ताओं को न्याय तक सरल पहुंच सुनिश्चित हो सके।

आयोग की अध्यक्षा ने शिकायत पंजीयन शुल्क की जानकारी देते हुए बताया कि वाद मूल्य पांच लाख रुपये तक होने पर कोई शुल्क नहीं लिया जाता है। पांच लाख से अधिक और दस लाख से कम के मामलों में 200 रुपये, दस लाख से अधिक और बीस लाख से कम पर 400 रुपये तथा बीस लाख से अधिक और पचास लाख से कम के मामलों में 1000 रुपये पंजीयन शुल्क निर्धारित है। उन्होंने ग्रामीणों से आग्रह किया कि वे अपने अधिकारों के प्रति सजग रहें और आवश्यकता पड़ने पर कानूनी उपायों का निर्भीक होकर उपयोग करें।
कार्यक्रम के दौरान यह भी रेखांकित किया गया कि “जागो ग्राहक जागो” अभियान तभी सार्थक होगा, जब उपभोक्ता स्वयं जागरूक होंगे और अपने अधिकारों की रक्षा के लिए आगे आएंगे। शिविर में उपस्थित महिलाओं एवं ग्रामीणों द्वारा पूछे गए प्रश्नों का आयोग के सदस्यों ने विस्तारपूर्वक उत्तर देकर उनकी जिज्ञासाओं का समाधान किया।
इस अवसर पर आयोग के कर्मचारी मनीराम श्रीवास, संजय शर्मा, नूतन राजपूत, ग्राम पंचायत नकटीखार के सरपंच अमृत लाल, वरिष्ठ नागरिक अजीत दास महंत, मनोज विशनानी, ग्राम की उपसरपंच, मितानिन सहित बड़ी संख्या में महिलाएं, बच्चे एवं ग्रामीणजन उपस्थित रहे। जागरूकता शिविर ने ग्रामीण उपभोक्ताओं में अधिकारों के प्रति समझ और आत्मविश्वास को सुदृढ़ करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।




