शुक्रवार, अगस्त 29, 2025

संस्मरण

इमरजेंसी में संघ का सरेंडर? लेखक का दावा- माफीनामों से भर गया था जेल का कनस्तर, डर से बंद हो गई थी शाखा

अथ संघ सरेंडर गाथा: आंखों देखा इमरजेंसी अध्याय संघ के संग सरेंडर की संलग्नता सनातन है, इतनी सतत और सुदीर्घ है कि हिंदी के व्याकरण में एक अक्षर से शुरू होने वाले शब्दों के अलंकारों में एक नया अलंकार सृजित कर...

युद्ध का भय और आम आदमी की त्रासदी: 1965 के भारत-पाक युद्ध का संस्मरण

"जोधपुर में आम आदमी का डर और दहशत" युद्ध की विभीषिका और उसका मानवीय प्रभाव समय के साथ बदलते तकनीकी परिदृश्य के बावजूद अपरिवर्तित रहता है। 1965 के भारत-पाक युद्ध में प्रयुक्त तकनीक आज के युग की तुलना में साधारण...

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“जनहित कार्यों को प्राथमिकता दें, विकास में लापरवाही बर्दाश्त नहीं” – सांसद ज्योत्सना महंत

कोरबा (आदिनिवासी) | कोरबा जिले में विकास योजनाओं की प्रगति की समीक्षा करते हुए लोकसभा सांसद श्रीमती ज्योत्सना चरणदास...