बुधवार, जनवरी 21, 2026

चर्चा-समीक्षा

कोरबा में भूविस्थापितों का संघर्ष: कॉर्पोरेटपरस्त नीतियों के खिलाफ तेज होती लड़ाई

छत्तीसगढ़ (आदिनिवासी)। छत्तीसगढ़ में एक आदिवासी बहुल जिला है कोरबा, जो कि प्राकृतिक संसाधनों में संपन्न होने के बावजूद विकास सूचकांक में देश के पिछड़े जिलों में शामिल है। घने वनों से घिरे इस जिले में काले हीरे (कोयला)...

रौद्र और कोमल की जुगलबंदी की जुगाड़ के पीछे क्या है?

संगीत, भारतीय शास्त्रीय संगीत में स्वर और रागों का एक ख़ास विधान है। स्वर की नियमित आवाज को उसकी निर्धारित तीव्रता से नीचा उतारने पर वह कोमल हो जाता है, थोड़ा ऊंचा उठाने पर वह तीव्र हो जाता है।...

भारी होती परेड, हल्का पड़ता गणतंत्र

भारतीय गणतंत्र अपने तिहत्तर साल पूरे करने के बाद आज वास्तव में किस दशा में है, इसकी तस्वीर पूरी करने के लिए, बस इमरजेंसी की याद दिलाया जाना ही बाकी रहता था। और उसकी भी याद चौहत्तरवें गणतंत्र दिवस...

अरक्षणीय तुलसी पर कोहराम तो बहाना है, मकसद मनु और गोलवलकर को बचाना है

अब संघी और भाजपाई इन शिक्षा मंत्री द्वारा गिनाई गयी तीन युगों की सभी तीनों किताबों की हिमायत में तो, फिलहाल, कूद नहीं सकते। उन्हें पता है कि मनुस्मृति का खुलेआम पक्ष लेना महँगा पड़ सकता है, सो उसके...

सांप्रदायिकता और तानाशाही का जहरीला कॉकटेल है भागवत का साक्षात्कार

आरएसएस प्रमुख मोहन भागवत ने आरएसएस प्रकाशन के 'ऑर्गनाइज़र' और 'पाञ्चजन्य' (15 जनवरी) के संपादकों को दिए एक साक्षात्कार में कई सवालों का जवाब दिया है। भागवत की टिप्पणियों को हिंदू राष्ट्र के निर्माण के लिए हेगड़ेवार और गोलवलकर...

अतीत के नाम पर पीठ थपथपाना बंद करें

250 वर्ष का इतिहास खंगालने पर पता चलता है कि आधुनिक विश्व मतलब 1800 के बाद जो दुनिया में तरक्की हुई, उसमें पश्चिमी मुल्कों का ही हाथ है। हिन्दू और मुस्लिम का इस विकास में 1% का भी योगदान...

संविधान से आदिवासी शब्द हटाये जाने का मैं सख्त विरोध करता हूं: जयपाल सिंह मुंडा

संविधान निर्माण सभा में दिसम्बर १९४८ को जयपाल सिंह मुंडा ने कहा था मैं आदिवासियों को माइनोरिटी नही मानता अगर आप सब भारत के आदिवासी, जो इस देश के प्रथम नागरिक अर्थात (प्रथम राष्ट्र मूल मालिक) है,...

भारत की प्रथम महिला शिक्षिका व महान समाज सुधारक माता सावित्री बाई फुले

03 जनवरी: जन्म दिवस पर विशेष सामाजिक और शैक्षणिक इतिहास के पन्नों में बहुत सी ऐसी क्रान्तिकारी विभूतियाँ गुम हैं जिनका सही मूल्यांकन नहीं हो पाया है। उनमें से एक महान विभूति हैं- मां सावित्रीबाई फुले। उन्नीसवीं...

किस बराहमन ने कहा था कि ये साल अच्छा है?

सामान्य रस्म और रिवाज गुजरे साल का गुणगान और आने वाली वर्ष के लिए उम्मीदों के पहाड़ खड़े करने की है। मगर 2022 के लिए यह औपचारिक रस्मअदायगी भी नहीं की जा सकती। यह साल अनेक अशुभों, पीड़ाओं और...

क्या यह न्यायपालिका के खिलाफ युद्ध का ऐलान है?

मोदी सरकार के कानून मंत्री, किरण रिजजू ने संसद के चालू शीतकालीन सत्र के दौरान राज्य सभा में प्रश्नकाल के दौरान पूरक प्रश्नों का उत्तर देते हुए, देश भर में पांच करोड़ से ज्यादा मामले अदालतों के सम्मुख विचाराधीन...

Latest News

कोरबा शहरी क्षेत्र में आंगनबाड़ी भर्ती: अनंतिम मूल्यांकन पत्रक जारी; दावा-आपत्ति 29 जनवरी तक

कोरबा (आदिनिवासी)। एकीकृत बाल विकास परियोजना, कोरबा (शहरी) अंतर्गत नगर निगम क्षेत्र में आंगनबाड़ी कार्यकर्ता एवं सहायिकाओं की भर्ती...