बुधवार, जनवरी 21, 2026

झूठे आरोप में पत्रकारों की गिरफ्तारी: सुकमा में पत्रकारों का ऐतिहासिक विरोध प्रदर्शन!

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साजिश का पर्दाफाश, दोषियों पर न्यायिक कार्रवाई की मांग

रायपुर (आदिनिवासी)। बस्तर के चार पत्रकारों बप्पी राय, निशु त्रिवेदी, मनीष सिंह और धर्मेंद्र सिंह को अवैध गांजा प्रकरण में षड्यंत्रपूर्वक फंसाने के विरोध में छत्तीसगढ़, तेलंगाना, आंध्रप्रदेश और ओडिशा के पत्रकारों ने सुकमा में एकजुट होकर जोरदार धरना प्रदर्शन किया। आक्रोशित पत्रकारों ने देश के गृहमंत्री अमित शाह के नाम सुकमा कलेक्टर को ज्ञापन सौंपा, जिसमें बप्पी राय सहित सभी आरोपित पत्रकारों की ससम्मान रिहाई और दोषी अधिकारियों के खिलाफ CBI जांच की मांग की गई।

सुकमा में विशाल धरना प्रदर्शन

16 अक्टूबर को सुकमा जिला मुख्यालय में संयुक्त बस्तर पत्रकार संघर्ष समिति की अगुवाई में यह विशाल धरना आयोजित किया गया, जिसका छत्तीसगढ़ के विभिन्न पत्रकार संगठनों ने पूर्ण समर्थन किया। धरना स्थल पर छत्तीसगढ़, आंध्र प्रदेश, तेलंगाना और ओडिशा के पत्रकार संगठनों ने भी अपनी उपस्थिति दर्ज कराई और आंदोलन को मजबूती प्रदान की।

पत्रकार संगठनों का व्यापक समर्थन

धरने में छत्तीसगढ़ सक्रिय पत्रकार संघ के प्रदेश अध्यक्ष राज गोस्वामी, छग जर्नलिस्ट वेलफेयर यूनियन के प्रदेश अध्यक्ष अमित गौतम, पत्रकार महासंघ छत्तीसगढ़ के प्रदेश अध्यक्ष सुनील यादव, प्रेस एंड मीडिया वेलफेयर एसोसिएशन के प्रदेश अध्यक्ष मनोज पांडे सहित अन्य वरिष्ठ पत्रकार और विभिन्न पत्रकार संगठनों के प्रतिनिधियों ने भाग लिया। सभा में उपस्थित पत्रकारों ने बस्तर के चार पत्रकारों की अवैध गिरफ्तारी के खिलाफ गहरी नाराजगी व्यक्त की और पुलिस द्वारा लगाए गए आरोपों को झूठा करार दिया।

दोषियों के खिलाफ CBI जांच की मांग

पत्रकारों ने आरोप लगाया कि सुकमा के थाना प्रभारी ने साजिश के तहत इन पत्रकारों के वाहन में गांजा रखवाकर झूठी गिरफ्तारी की। सभा में वक्ताओं ने पत्रकार सुरक्षा कानून लागू करने की मांग करते हुए, पुलिस की इस गलत कार्रवाई के खिलाफ न्यायिक जांच की आवश्यकता पर जोर दिया। उन्होंने यह भी मांग की कि दोषी अधिकारियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाए और आरोपित पत्रकारों को तुरंत रिहा किया जाए।

विधायकों और नेताओं का समर्थन

धरने में विधायक कवासी लकमा, CPM नेता मनीष कुंजाम और जिला पंचायत अध्यक्ष श्री लकमा ने भी भाग लिया। उन्होंने भी पत्रकारों के साथ हो रही ज्यादतियों की निंदा करते हुए, गिरफ्तारी को अवैध बताया और दोषियों को दंडित करने की मांग की।

रैली निकाल कर सौंपा ज्ञापन

धरना प्रदर्शन के बाद, पत्रकारों ने सुकमा के बस स्टैंड के पास से रैली निकालकर जिला कलेक्टर को ज्ञापन सौंपा, जिसमें गृहमंत्री से इस मामले में सीबीआई जांच की मांग की गई।

“यह धरना प्रदर्शन इस बात का स्पष्ट संदेश देता है कि पत्रकारों को डराने या दबाने की कोई भी कोशिश बर्दाश्त नहीं की जाएगी। सत्य की रक्षा और निष्पक्ष पत्रकारिता की जरूरत पहले से कहीं अधिक है। बस्तर के पत्रकारों के साथ हुई इस घटना पर निष्पक्ष, पारदर्शी और न्यायिक जांच जरूरी है ताकि दोषियों को सजा मिल सके और पत्रकारों का सम्मान और सुरक्षा बरकरार रहे।

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