बुधवार, जुलाई 24, 2024

पड़ोसी ने 4 साल के बच्चे को जिंदा जलाया:रायपुर से 3 दिन पहले किडनैप किया था; बाइक बेचकर भाग गया था महाराष्ट्र, अब गिरफ्तार

Must Read

रायपुर के उरला इलाके से गायब हुआ 4 साल हर्ष अब कभी घर नहीं आएगा। उसे पड़ोस में ही रहने वाले एक आदमी ने जिंदा जला दिया। हर्ष को ढूंढने का दावा करने वाली पुलिस को उसकी जली हुई लाश मिली है। बच्चे को तीन दिन पहले किडनैप किया गया था। उसे तभी बेमेतरा ले जाकर श्मशान में जिंदा जला दिया गया था। पुलिस ने आरोपी पंचराम को पकड़ लिया है।

पुलिस टीम को जानकारी मिली कि पंचराम ने अपनी बाइक दुर्ग में बेच दी है। पता चला कि वो महाराष्ट्र की तरफ भागा है। जांच टीम भी नागपुर की ओर रवना हुई। तीन दिन बाद जब पंचराम ने बच्चे की हत्या कर दी तो पुलिस ने नागपुर के पास पंचराम को ट्रेस कर गिरफ्तार कर लिया। पंचराम पुलिस को फिलहाल कुछ नहीं बता रहा है। उसने इतना ही कहा है कि वो हर्ष के 6 साल के भाई को भी मार देना चाहता था। पुलिस इससे पूछताछ कर रही है।

दूसरी तरफ बच्चे की मां का रो-रोकर बुरा हाल है। गुमसुम उदास घर की दहलीज पर बैठी रहती है जैसे ही कोई बेटे के गायब होने का जिक्र करता है उसकी आंखों में रुके आंसू बाहर छलक पड़ते हैं। कहती है हमन गरीब हरन, कहां गे मोर बेटा, ओला बचा लो साहब (हम गरीब हैं, कहां गया मेरा बेटा, उसे बचा लो साहब)।

4 साल के हर्ष को उसके ही पड़ोस में रहने वाला पंचराम गेंडरे ने किडनैप किया । वो अक्सर उसे अपने साथ बाइक पर घुमाता था, चॉकलेट देता था। हर्ष के पिता जयेंद्र ने बताया कि इसी वजह से हम उस पर विश्वास करते थे। मंगलवार को सुबह 10 बजे वो हमारे बेटे को लेकर गया मगर फिर उसका कुछ पता नहीं चल पाया तो हमने पुलिस से शिकायत की। हर्ष का पिता उरला के कारखाने में मजदूरी करता है। इस किडनैपिंग को अंजाम देने वाला पंचराम गेंडरे भी जयेंद्र के घर के पास रहता है और ईंट भट्‌ठे में काम करता है।

पुलिस को एक CCTV फुटेज भी मिला जिसमें पंचराम गेंडरे बच्चे को भिलाई की दिशा में ले जाता दिखा था। उसके मोबाइल फोन की लोकेशन भी इसी इलाके की आई । पता चला है कि पंचराम गेंडरे उरला में अपनी मां के साथ अकेले ही रहता था, उसकी पत्नी भी उसे छोड़कर जा चुकी है


- Advertisement -
  • nimble technology
[td_block_social_counter facebook="https://www.facebook.com/Adiniwasi-112741374740789"]
Latest News

कलेक्टर की पहल: विशेष पिछड़ी जनजातीय परिवारों के 18 वर्ष से अधिक के सभी सदस्यों के बैंक खाते खोले जाएंगे!

सभी बच्चों को आयुष्मान कार्ड बनाने डीपीओ और डीईओ को दिए निर्देश बैंक खाते खुलने से योजनाओं का लाभ उठाने...

More Articles Like This