शनिवार, फ़रवरी 14, 2026

CG में सरकारी साइकिल के लिए छात्राओं से वसूली:कांकेर में स्कूल के व्हॉट्सऐप ग्रुप में मैसेज कर प्रिसिंपल ने लिए100-100 रुपए; सरस्वती योजना में नि:शुल्क होता है वितरण

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लड़कियों की शिक्षा को बढ़ावा देने के लिए छत्तीसगढ़ सरकार की सरस्वती साइकिल योजना में स्कूल प्रशासन ही पलीता लगाने में लगा हुआ है। जिस योजना में नि:शुल्क साइकिल का वितरण किया जाता है, उसके लिए स्कूल प्रबंधन ने छात्राओं से 100-100 रुपए वसूल लिए। बाकायदा स्कूल के व्हॉट्सऐप ग्रुप में मैसेज कर रुपए जमा करने की चेतावनी दी गई। हालांकि मैसेज वायरल होने के बाद अब स्कूल प्रबंधन रुपए लौटा रहा है।

दरअसल, यह सारा मामला करप हाईस्कूल का है। यहां हितग्राही छात्राओं को योजना में नि:शुल्क साइकिल का वितरण किया जाना था। इसके लिए स्कूल की 9वीं क्लास की छात्राओं के लिए बने व्हॉट्सऐप ग्रुप में प्रिसिंपल दुर्गा नेताम ने 22 मार्च को दोपहर करीब 1.11 मिनट पर मैसेज किया। इसमें कहा गया कि सभी छात्राएं 100-100 रुपए साइकिल के लिए जमा कर दें। सबका पैसा जमा होने पर ही साइकिल का वितरण किया जाएगा।

इसके बाद कई छात्राओं ने रकम स्कूल में जमा भी कर दी, पर मैसेज छात्राओं के व्हॉट्ऐप ग्रुप से बाहर आया तो हंगामा शुरू हो गया। बात बिगड़ती देख प्रिसिंपल ने आनन-फानन में रुपए बिना कुछ कहे लौटाना शुरू कर दिया। हालांकि तब तक काफी देर हो चुकी थी। व्हॉट्सऐप पर मौजूद मैसेज को डिलीट करना संभव नहीं था। जिसके चलते लोगों ने स्क्रीन शॉट लेकर प्रिसिंपल के वसूली कार्यक्रम को सोशल मीडिया पर वायरल कर दिया।

वसूली के लिए छात्राओं पर ही दबाव व चेतावनी भी
प्राचार्य ने व्हॉट्सऐप ग्रुप में एक-एक कर तीन पोस्ट किए हैं। पहले पोस्ट में लिखा है कि सभी का पैसा जमा होने पर ही साइकिल वितरण किया जाएगा। जिन छात्राओं ने पैसा जमा नहीं किए हैं उन्हें जमा करने का बोलो। दूसरे पोस्ट में लिखा है कि अगर किसी एक का भी पैसा जमा नहीं हुआ तो गाड़ी वाला साइकिल नहीं लाएगा। तीसरे पोस्ट में ‘समझ गए’। हालांकि छात्राओं को स्कूल तक मुफ्त साइकिल दी जानी है, लेकिन वाहन वाले के नाम से वसूली की जा रही है।

दुर्गूकोंदल में भी शुल्क के नाम पर हुई वसूली
दुर्गूकोंदल विकासखंड में भी छात्राओं से वसूली जारी है। शिक्षक छात्राओं से 100 रुपए परिवहन शुल्क के नाम पर लेकर साइकिल वितरण कर रहे हैं। इसके कारण बताया जा रहा है सप्लायर ने दुर्गूकोंदल में साइकिल को डंप कर दिया है। जहां उसकी फिटिंग हो रही है। इसके बाद साइकिल को वाहनों से ले जाने के नाम पर शिक्षक 100 रुपए प्रति छात्राओं से वसूल रहे हैं। जबकि शासन के नियमानुसार नि:शुल्क साइकिल वितरण किया जाना है।

ऐसा पहली बार नहीं हुआ है। स्कूल प्रशासन के छात्राओं से उगाही की शिकायतें मिलती रही हैं, लेकिन सबूत सामने नहीं आए थे। छात्रएं भी भविष्य व कैरियर के चलते कहीं शिकायत नहीं कर पा रही हैं। अब करप हाई स्कूल में वसूली की नई घटना ने सरस्वती साइकिल योजना की पूरी पोल खोल कर रख दी है। करप की प्राचार्य ने बाकायदा छात्राओं के व्हॉट्सऐप ग्रुप में वसूली का मैसेज पोस्ट कर रकम की मांग की है। जिसमें उनका मोबाइल नंबर भी है।

17 साल पहले शुरू हुई थी योजना
बालिका शिक्षा को बढ़ावा देने के उद्देश्य से रमन सिंह सरकार ने 17 साल पहले 2005 में सरस्वती साइकिल योजना शुरू की थी। इसमें 9वीं कक्षा में अध्ययनरत अनुसूचित जाति, अनुसूचित जनजाति व अन्य पिछड़ा वर्ग और अन्य वर्ग के BPL परिवार की बालिकाओं को नि:शुल्क साइकिल दी जाती है। इस योजना का बेहतर नतीजा भी सामने आया। प्रदेश में 2005 तक लड़कों के मुकाबले शिक्षा ग्रहण करने वाली छात्राओं का प्रतिशत काफी कम था। योजना के बाद से छात्राओं का प्रतिशत काफी आगे बढ़ गया है।

पैसे नहीं लिए, छात्राओं ने लिख कर दिया
वहीं मामला सामने आने के बाद प्राचार्य दुर्गा नेताम ने स्पष्टीकरण दिया है कि साइकिल के लिए छात्राओं से पैसे नहीं मांगे गए हैं। छात्राओं ने भी अपने प्रतिवेदन में यह लिख कर दिया है।

साइकिल नि:शुल्क वितरण करना है, पैसा लेना गलत
दुर्गूकोंदल BEO केशव साहू ने कहा कि शासन के निर्देशानुसार नि:शुल्क साइकिल वितरण किया जाना है। शुल्क लेना अनुचित है। यदि शिक्षक ने छात्राओं से 100 रूपए शुल्क वसूल किए हैं, तो जांच कर पैसे लौटाए जाएंगे।

जांच जारी, सबूत की तलाश
नरहरपुर बीईओ रवि मिश्रा ने कहा करप हाईस्कूल में छात्राओं से साइकल के लिए पैसे लेने की शिकायत मिली है। इसकी जांच की जा रही है। पैसे लेने के सबूत तलाश किए जा रहे हैं। जो भी तथ्य सामने आएंगे उसके अनुसार कार्रवाई की जाएगी।

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