शुक्रवार, अगस्त 29, 2025

एसईसीएल की क्षेत्रीय बैठकों में बड़ी सहमति: स्थानीय मुद्दों पर तुरंत कार्रवाई, विस्थापितों को राहत और विकास की नई राह

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एसईसीएल की क्षेत्रीय बैठकों में विकास की रफ्तार तेज़, विस्थापितों को मिलेगा न्याय और सम्मान

कोरबा (आदिनिवासी)। ऊर्जाधानी कोरबा में एक नई उम्मीद की किरण जागी है। एसईसीएल (साउथ ईस्टर्न कोलफील्ड्स लिमिटेड) द्वारा हाल ही में आयोजित क्षेत्रीय स्तर की महत्वपूर्ण द्विपक्षीय बैठकों में स्थानीय समस्याओं और विस्थापितों के मुद्दों पर गहन चर्चा की गई। इन बैठकों में गेवरा, दीपका, कोरबा, कुसमुंडा और रायगढ़ क्षेत्रीय कार्यालयों के प्रतिनिधियों ने भाग लिया और जमीनी समस्याओं का व्यावहारिक समाधान तलाशने की दिशा में कई अहम फैसले लिए गए।

3. पेयजल और सिंचाई व्यवस्था:
आवश्यकता अनुसार बोरवेल और तालाबों में खदान के पानी से भराव की व्यवस्था की जाएगी ताकि ग्रामीणों को जल संकट का सामना न करना पड़े।

इन बैठकों में 12 सूत्रीय मांगों के अतिरिक्त स्थानीय मांगों पर भी सार्थक वार्ता हुई। प्रभावित गांवों के विकास, आउटसोर्सिंग कंपनियों में स्थानीय भर्ती, ठेका कर्मचारियों की सामाजिक सुरक्षा, रोजगार, मुआवजा और पुनर्वास जैसे अहम विषयों पर जिला प्रशासन के सहयोग से त्वरित समाधान निकालने का निर्णय लिया गया। ये सभी प्रस्ताव अब 22 अप्रैल को एसईसीएल मुख्यालय बिलासपुर में होने वाली उच्च स्तरीय बैठक में अंतिम रूप से प्रस्तुत किए जाएंगे।

बैठकों में लिए गए प्रमुख और जनहितकारी निर्णय

1. मॉनिटरिंग कमेटी का गठन:
प्रत्येक प्रभावित गांव में हर महीने चौपाल लगाई जाएगी, जहां समस्याओं को सीधे सुना और हल किया जाएगा।

2. स्वास्थ्य शिविर का आयोजन:
प्रत्येक गांव में सप्ताह में एक दिन स्वास्थ्य शिविर लगाया जाएगा, जिसमें मुफ्त दवाओं का वितरण भी किया जाएगा।

4. झिंगटपुर पुनर्वास ग्राम में सुविधाएं:
बसाहट गांवों में मुक्तिधाम जैसी बुनियादी सुविधाएं निर्मित की जाएंगी।

5. सड़क और परिवहन व्यवस्था का सुधार:
जर्जर सड़कों की मरम्मत और नए संपर्क मार्गों का निर्माण किया जाएगा, साथ ही प्रदूषण नियंत्रण के लिए सड़कों पर नियमित जल छिड़काव होगा।

6. आजीविका और प्रशिक्षण:
स्वयं सहायता समूहों को स्थायी रोजगार के लिए प्रशिक्षण और उपकरण दिए जाएंगे। बेरोजगार युवाओं को स्किल ट्रेनिंग देकर स्वरोजगार के लिए सहायता दी जाएगी।

7. स्थानीय भर्ती को प्राथमिकता:
आउटसोर्सिंग कंपनियों में स्थानीय युवाओं की भर्ती सुनिश्चित की जाएगी और पहले से लिए गए फैसलों को सख्ती से लागू किया जाएगा।

8. ठेका कर्मचारियों की सुरक्षा और लाभ:
वेतन, भत्ते, मेडिकल सुविधाएं और सुरक्षा मानकों का कड़ाई से पालन किया जाएगा। सभी ठेका कर्मियों को 40 लाख रुपये का कॉर्पोरेट दुर्घटना बीमा भी मिलेगा।

9. शिक्षा में प्राथमिकता:
एसईसीएल के स्कूलों में भूविस्थापित परिवारों के बच्चों को विशेष प्राथमिकता दी जाएगी।

जनमानस के लिए क्या है इस बैठक का महत्व?

इन निर्णयों से न केवल प्रभावित परिवारों की समस्याओं का त्वरित समाधान होगा, बल्कि क्षेत्र में विकास की गति को भी नई दिशा मिलेगी। यह पहल न सिर्फ संवेदनशील है बल्कि एक मानवीय दृष्टिकोण से न्यायसंगत और सहानुभूतिपूर्ण भी है। हर निर्णय समाज के सबसे कमजोर वर्ग तक राहत पहुंचाने का प्रयास है।

एसईसीएल की यह पहल केवल एक प्रशासनिक प्रक्रिया नहीं है, बल्कि यह क्षेत्र की जरूरतों को समझकर उस पर त्वरित और प्रभावी कार्रवाई का प्रमाण है। कोरबा जैसे ऊर्जा से भरपूर क्षेत्र में अब मानवीय विकास की लौ भी तेज़ी से जलने लगी है। उम्मीद है कि 22 अप्रैल को मुख्यालय में होने वाली उच्च स्तरीय बैठक इन प्रस्तावों को और अधिक मजबूती देगी।

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