श्रम विवादों में बरकरार रहेगा ‘ट्रिपल टेस्ट’AICCTU ने उठाया श्रमिक संरक्षण का सवाल
नई दिल्ली (आदिनिवासी)। सर्वोच्च न्यायालय ने 20 अगस्त 2026 को State of Uttar Pradesh बनाम Jai Bir Singh मामले में औद्योगिक विवाद अधिनियम, 1947 के तहत ‘इंडस्ट्री’...
आदिम समाज ने जब पहली बार पत्थर को हथियार बनाया था, तब शायद उसे अंदाज़ा भी नहीं था कि यह छोटा-सा कदम एक ऐसी यात्रा की शुरुआत बनेगा, जो जंगलों से निकलकर अंतरिक्ष तक जा पहुँचेगी। सभ्यता का यह सफर सीधी रेखा में नहीं चला – इसमें उतार-चढ़ाव हैं, संघर्ष हैं, और हर मोड़ पर […]
नई दिल्ली (आदिनिवासी)। केन्द्र सरकार द्वारा लागू किए जा रहे नए ग्रामीण रोजगार कानून ‘वीबी-ग्रामजी’ (विकसित भारत – रोज़गार और आजीविका मिशन) के नियमों को लेकर नीतिगत और जमीनी विवाद खड़ा हो गया है। माकपा की वरिष्ठ नेता बृंदा करात ने केंद्रीय ग्रामीण विकास मंत्री शिवराज सिंह चौहान को एक पत्र लिखकर इन नए नियमों […]
दुर्ग (आदिनिवासी)। छत्तीसगढ़ के ऐतिहासिक धमधागढ़ में 13 और 14 जून को आयोजित दो दिवसीय गोंडवाना महाअधिवेशन का समापन कमलेश सोरी के पारंपरिक राजतिलक के साथ हुआ। हाल ही में संपन्न हुए लोकतांत्रिक चुनावों में श्री सोरी को केंद्रीय गोंडवाना गोंड महासभा का अध्यक्ष चुना गया था। रविवार को हजारों समाजजनों की उपस्थिति में पारंपरिक […]
हिंदू राज्य, जैसा कि इसके नाम से प्रतीत होता है, एकाधिकार पूंजी की तानाशाही के अलावा और कुछ नहीं है, जिसे मोदी बेशर्मी से बढ़ावा दे रहे हैं। राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) का उद्देश्य भारत में एक हिंदू राज्य की स्थापना करना है। लेकिन हिंदू राज्य का वास्तव में क्या अर्थ है? इसका सीधा और […]
रायपुर (आदिनिवासी)। छत्तीसगढ़ आदिवासी विकास परिषद के भीतर नेतृत्व, कार्यशैली और सांगठनिक प्राथमिकताओं को लेकर वैचारिक मतभेद सतह पर आ गए हैं। संगठन के संस्थापक सदस्य हरेंद्र कुमार नेताम के द्वारा परिषद के प्रदेश अध्यक्ष के.आर. शाह के हाशिए पर होने और उनके खिलाफ षड्यंत्र के आरोपों के बाद, आदिवासी समाज के भविष्य को लेकर […]
सांस्कृतिक संरक्षण के लिए बनी साझा रणनीति
कोरबा (आदिनिवासी)। छत्तीसगढ़ के कोरबा जिले के गुमिया गांव में आदिवासी बियार समाज का एक दिवसीय प्रदेश स्तरीय सम्मेलन और भगवान बिरसा मुंडा शहादत दिवस गरिमामय माहौल में संपन्न हुआ। इस आयोजन में...
जैसे-जैसे रात गहरी होती है, शहर खामोश हो जाता है। फिर भी, उसी खामोशी के बीच कुछ रातें ऐसी भी होती हैं, जब बुलडोज़रों की दहाड़ इतिहास को रात से भी कहीं ज़्यादा गहरे अंधेरे में धकेल देती है।कुछ...
क्या धर्म बदलने से खत्म हो जाती है आदिवासियों की संवैधानिक पहचान?
आदिवासियों के संवैधानिक अधिकारों और धार्मिक पहचान को लेकर खड़ा हुआ बड़ा संकट
सांस्कृतिक समागम के नाम पर संस्कृति से खिलवाड़!
राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ से जुड़े जनजाति सुरक्षा मंच और...
कॉर्पोरेट जगत और सत्ता के गलियारों का रिश्ता हमेशा से ही 'शह और मात' के खेल जैसा रहा है। हाल के दिनों में वेदांता समूह के सुप्रीमो अनिल अग्रवाल के संस्थानों पर जांच एजेंसियों की सक्रियता ने देश के राजनीतिक...