रविवार, जून 16, 2024

कॉम लक्ष्मणभाई छगनभाई वाडिया को दी गई श्रद्धांजलि: सभा में आदिवासी मुद्दों पर की गई परिचर्चा

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वलसाड/कापरड़ा (आदिनिवासी)। भारत की कम्युनिस्ट पार्टी (मार्क्सवादी-लेनिनवादी) लिबरेशन तथा आदिवासी संघर्ष मोर्चा, गुजरात के तत्वाधान में दिवंगत कॉमरेड लक्ष्मणभाई छगनभाई वाडिया की पहली स्मृतिदिवस पर 12 अप्रैल को कापरडा में श्रद्धांजलि सभा का आयोजन किया गया तथा आदिवासी मुद्दों पर विशेष परिचर्चा की गई।

“हर इंसान की एक न एक दिन मौत होती है।पर शोषकवर्ग की सेवा करते हुए मरना चिड़िया की पंख जैसी हल्की मौत होती है और जनता की सेवा (भलाई) करते हुए मरना हिमालय पर्वत जैसी भारी मौत होती है”
-माओत्से तुंग

गुजरात राज्य लीडिंग टीम की सदस्य तथा आदिवासी नेता कॉमरेड लक्ष्मणभाई वाडिया की मौत बेशक हिमालय पर्वत जैसी भारी मौत हैं।
गरीबी की कारण 5 वीं कक्षा तक पढ़ाई कर बंधुआ मजदूर बाद में खेत मजदूर बन कर वारली आदिवासी किशोर की अंतहीन संघर्ष यात्रा की शुरुआत हुई।

अपनी पुस्तैनी जमीन बचाने के लिए GIDC से संघर्ष में मिली सफलता उन्हें गुजरात सरकार तथा भू-माफियों के खिलाफ संघर्ष कर आदिवासी भूमि की रक्षा के लिए प्रेरित किया। अपने उद्देश्य की पूर्ति के लिए उन्होंने कई संगठन व पार्टियो की सदस्य बने, पर उन सभी संगठनों में अंतर्निहित कमी व सीमाबद्धता के कारण उन्हें उन संगठनों को छोड़ना पड़ा और अंततोगत्वा कॉमरेड वाडिया (इसी नाम से लोकप्रिय हैं) ने सन 2007 में भारत की कम्युनिस्ट पार्टी (मार्क्सवादी-लेनिनवादी) लिबरेशन की सदस्यता ग्रहण की। वलसाड जिले की उमरगांव, कपराडा और धरमपुर तालुकों में उन्होंने भाकपा माले की संगठन बनाया।कम अवधि में ही हज़ार से ऊपरआदिवासी महिला-पुरुष व नवजवानों को पार्टी सदस्य बनाया।सरकार व भूमाफियों के खिलाफ कई छोटे-बड़े लड़ाईयां लड़कर आदिवासियों की जमीन की रक्षा किया।इस दरमियान उन पर भूमाफियों की गुर्गों द्वारा कई जानलेवा हमलें भी हुई।पर कॉमरेड वाडिया इन हमलों की परवाह किये बगैर संघर्ष के रास्ते पर डटे रहे।

आदिवासियों की समस्याओं पर आधारित मुद्दों के अलावा उन्होंने एक सच्चा साम्यवादी की तरह समाज की सताए गए अन्य कमजोर वर्ग,दलित व महिलाओं की हितों में अनगिनत संघर्ष किया।गुजरात के ऊना में दलितों के ऊपर अत्याचार के खिलाफ उन्होंने 400 किमी की ऊना पैदल यात्रा में भाग लिया था।गुजरात मे उन्होंने जब भी जरूरी हुआ आदिवासी,दलित,मुस्लिम व अन्य कमजोर वर्ग की झुझारू एकता को मजबूत करने की काम किया। कोरोना की पहली लहर की दौर में उन्होंने,गुजरात के वेरावल और पोरबन्दर में नाव में फंसे हुए गुजरात, महाराष्ट्र और खासकर आंध्र प्रदेश की हज़ारों मछुआरों को संबंधित राज्य सरकारों की अमानविक रवैया के खिलाफ संघर्ष कर सुरक्षित बतन वापसी के लिए सराहनीय भूमिका की निर्वाह किया।

“कॉमरेड लक्ष्मणभाई वाडिया अमर रहें, कॉमरेड वाडिया को लाल सलाम!”-उद्घोष के साथ पार्टी के पीवी सदस्य कॉमरेड प्रभात कुमार तथा गुजरात की पार्टी प्रभारी कॉमरेड रंजन गांगुली
द्वारा कॉमरेड वाडिया की तस्वीर पर माल्यार्पण किया गया। तदपश्चात कॉमरेड वाडिया की सम्मान में उपस्थित सारे लोग खड़े होकर एक मिनिट का मौन धारण कर श्रद्धांजलि अर्पित की गई।
सभा मे उपस्थित दिवंगत कॉमरेड वारिया की पत्नी कॉमरेड मंगलीबेन बारिया जिन्होंने हमेशा ही कॉमरेड वारियाभाई साथ संघर्षों की हर मौकें पर मजबूती से खड़ी रही को सभा मे उपस्थित लोगों से परिचय कराया गया। और सभा की ओर से उन्हें वलसाड की महिला नेत्री कॉमरेड बनिताबेन के द्वारा सम्मानित किया गया।

सभा में उपस्थित सारे वक्ताओं ने कॉमरेड वारियाभाई की संघर्षशील जीवन व सच्चा कम्युनिस्ट आदर्श से शिक्षा लेकर उनकी अधूरी मिशन को पूरा करने की संकल्प को दोहराया।
आदिवासी हितों के लिए जीवन के अंतिम क्षण तक संघर्ष करनेवाले कम्युनिस्ट योद्धा की स्मरण सभा मे विभिन्न वक्ताओं ने आदिवासी समाज की मूलभूत मुद्दों की जिक्र किया। जिसमे आदिवासी व अन्य वनांचल निवासियों की वन अधिकार कानून-2006, PESA कानून, सुप्रीम कोर्ट ऐतिहासिक फैसला “समता जजमेंट- 1997”, पांचवी व छठी अनुसूची में शामिल वन क्षेत्र में आदिवासियों की अधिकार, पार-तापी-नर्मदा लींकिंग प्रोजेक्ट रद्द करने की मांग और अलग राज्य “भील प्रदेश” की लोकप्रिय मांग प्रमुख रहा।

वलसाड जिला लीडिंग टीम की सदस्य तथा धर्मपुर तालुका की सचिब कॉमरेड आनंदभाई बारात की अध्यक्षता में सम्पन्न सभा को पीवी सदस्य कॉमरेड प्रभात कुमार, पार्टी की गुजरात प्रभारी कॉमरेड रंजन गांगुली, भाकपा माले गुजरात राज्य कार्यालय सचिन कॉमरेड अमित पाटनवाडिया, राज्य लीडिंग टीम सदस्य व वलसाड जिला प्रभारी कॉमरेड कमलेश गुरव,भाकपा माले महाराष्ट्र की नेता कॉमरेड गोहिल, उमरगांव तालुका सचिब कॉमरेड हरेश भाई, धर्मपुर तालुका की ऐपवा तथा स्वरोजगार महिला मंडल की नेत्री कॉमरेड सुमित्राबेन, मनाला पंचायत की सरपंच जयेंद्र भाई, उमरगाम के माले नेता कॉमरेड मोहनभाई खोखरिया, कापरड़ा के कॉमरेड राजुभाई बरठा, धरमपुर के नेता कॉमरेड सुरेशभाई गायकवाड़, धर्मपुर तालुका पंचायत की सदस्य श्री कानूभाई, कापरड़ा तालुका की आदिवासी बुद्धिजीवी नेता कॉमरेड विट्ठलभाई चौधरी आदि वक्ताओं ने सभा को संबोधित किया।

सभा में (क) मोदी सरकार से आसमान छूती महंगाई पर रोक लगाने की मांग की गई तथा
(ख) एक प्रस्ताव पारित कर प्रतिवर्ष 12 अप्रैल को कॉमरेड वारियाभाई की स्मृति में “आदिवासी-मुद्दों” पर कंवेंशन आयोजित करने का निर्णय लिया गया।


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